जबलपुर। मकर संक्रांति पर्व के दौरान गौरी घाट में साध्वी हर्षा रिछारिया ने आस्था की डुबकी लगाई।
मीडिया से चर्चा करते हुए साध्वी हर्षा रिछारिया ने कहा कि हम धर्म को नहीं अपनाते बल्कि धर्म हमें अपनाता है।
उन्होंने आगे कहा कि लगभग 1 साल से उनका विरोध हो रहा है। क्योंकि, वह एक नारी है और नारी होने पर उनका लगातार विरोध किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आने वाले मौनी अमावस्या में प्रयागराज में स्नान करने के बाद वह पुनः अपनी पुराने काम में लौट जाएंगी क्योंकि साध्वी होने के बाद उनका लगातार अपमान किया गया है।
साध्वी हर्ष रिछारिया ने आगे बताया कि भोलेनाथ की कृपा से उन्होंने यह भेष धारण किया औऱ साध्वी बनी थी, लेकिन अब उन्हें लगता है कि सदियों से नारियों का अपमान होता रहा है, जिससे उन्हें काफी दुख पहुंचा है।
उन्होंने कहा कि मीडिया और कैमरा के सामने तो सभी सपोर्ट करते हैं। लेकिन, पीठ पीछे बुराइयां की जाती है नारी के चरित्र पर लांछन लगाया जाता है।

