इंदौर। इंदौर के रेडिमेड गारमेंट व्यापारियों ने यूपीआई पेमेंट लेने से पूरी तरह से इंकार कर दिया था। सोमवार को बैंक की टीम और इंदौर क्राइम ब्रांच एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया की टीम राजवाड़ा पर व्यापारी की दुकान पर पहुंची। जहां उन्होंने व्यापारी एसोसिएशन के पदाधिकारियों से मुलाकात की और साइबर फ्राड के मामलों में पूरा सहयोग करने की बात कही। इसके बाद तय हुआ कि अब व्यापारी यूपीआई से पेमेंट लेंगे।
दरअसल, साइबर फ्रॉड की आशंकाओं के चलते इंदौर में कुछ व्यापारियों ने यूपीआई पेमेंट लेना बंद कर दिया था। उन्होंने अपने संस्थानों पर पोस्टर लगा दिए। जिन पर लिखा था कि वे नकद और क्रेडिट कार्ड से ही भुगतान स्वीकार करेंगे।
इसकी वजह यह है कि इंदौर के राजवाड़ा क्षेत्र में रेडिमेड दुकान संचालित करने वाले पार्थ जैन के करंट अकाउंट में किसी ग्राहक ने साइबर फ्रॉड का पैसा खरीदी के बाद यूपीआई से ट्रांसफर करा दिया। जिससे उनका खाता फ्रीज कर दिया गया। इस दौरान उनका एक चेक भी बाउंस हो गया था। जिससे उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
इसके बाद रेडिमेड गारमेंट्स व्यापारी एसोसिएशन के सदस्यों ने आपस में चर्चा की। सभी ने निर्णय लेते हुए यूपीआई से पेमेंट लेना बंद कर दिया और नगद या क्रेडिट कार्ड से बिक्री करना प्रारंभ कर दिया था।

