टिकट के लिए पैसा न होने से इटारसी से रेल के पहिए के ऊपर बैठ कर आया यात्री, रेल सुरक्षा कर्मियों ने देखा तो जबलपुर स्टेशन पर कोच के नीचे बैठे यात्री को उतारा गया

जबलपुर। इटारसी से जबलपुर की दूरी करीब 250 किलोमीटर है, इतनी दूरी का सफर क्या कोई कोच के नीचे पहिए में बैठकर तय कर सकता है?
सुनने में ये जरुर आपको अचंभित करना वाला लगेगा, लेकिन ये सच है। घटना इटारसी-जबलपुर की है, जहां पर एक व्यक्ति ने पूरा सफर ट्रेन के पहिए पर बैठकर तय किया।
खुलासा तब हुआ जब ट्रेन जबलपुर स्टेशन के आउटर पर पहुंची। इस दौरान रेल कर्मचारी जब एस-4 कोच के पास जांच कर रहे थे, तभी उनकी नजर कोच के नीचे लेटे एक व्यक्ति पर पड़ी। रेल कर्मचारी ने तुरंत ही पायलट को वायरलेस पर सूचना देते हुए ट्रेन रुकवाई, और ट्रॉली में छुपे व्यक्ति को बाहर निकाला गया।
वही, कोच के नीचे ट्रेन के पहियो के बीच में बैठकर सही सलामत इटारसी से जबलपुर तक आए युवक को जिसने भी देखा, देखता रह गया।
मौके पर मौजूद रेल कर्मचारियों ने जान जोखिम में डालकर करीब 250 किलोमीटर तक का सफर तय करने वाले युवक को पकड़ा और फिर उसे वैगन विभाग (एसीएंडडब्ल्यू) को सौंप दिया।
रेल कर्मचारियों ने जब उससे सफर के विषय में पूछा तो उसने बिना डरे बताया कि उसके पास इतने पैसे नहीं थे कि वो टिकट ले सके, इसलिए उसने यह रास्ता चुना। युवक ने रेल कर्मचारियों को बताया कि वह बिना डरे ही दानापुर एक्सप्रेस ट्रेन के एस-4 कोच के नीचे लोगों से छिपते हुए पहिए के नीचे बैठ गया और आराम से जबलपुर पहुंच गया।
रोलिंग परीक्षण करने वाले एक रेल कर्मचारी ने बताया कि जैसे ही इसे पहिए के बीच देखा तो होश उड़ गए। जानकारी तुरंत ही रेल अधिकारियों की भी दी गई।
बता दे कि गुरुवार शाम इटारसी से जबलपुर आई ट्रेन दानापुर एक्सप्रेस ट्रेन की जब रेल कर्मचारी जांच कर रहे थे, उसी दौरान पहिए के बीच में बनी एक जगह में कुछ हरकत देखी। कर्मचारी कोच के नीचे गए तो देखा कि एक युवक छिपकर बैठा हुआ है। ये दृश्य देखकर रेल कर्मचारी के होश उड़ गए।
घटना के बाद जिम्मेदार अधिकारियों ने इस पर गहरी चिंता जताई। उनका मानना था कि अगर कोई अनहोनी हो जाती, तो यह बड़ा हादसा हो सकता था।
पश्चिम मध्य रेलवे के सीपीआरओ हर्षित श्रीवास्तव ने कहा कि मामले की जांच आरपीएफ पुलिस को सौंप दी गई है। रेलवे प्रबंधन ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की आवश्यकता जताई है। यह घटना न केवल हैरान करने वाली है, बल्कि एक चेतावनी भी है कि लोगों को अपनी सुरक्षा के साथ इस तरह का खिलवाड़ नहीं करना चाहिए।

 

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