भोपाल। मप्र बोर्ड 10वीं व 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 85 प्रतिशत पूरा हो चुका है। अब भी 15 प्रतिशत मूल्यांकन कार्य बाकी है।
माध्यमिक शिक्षा मंडल(माशिमं) ने पांच अप्रैल तक मूल्यांकन कार्य करने के निर्देश दिए हैं, ताकि समय से परिणाम घोषित किया जा सके।
मूल्यांकन कार्य 22 फरवरी से जारी है। अब तक 90 प्रतिशत मूल्यांकन कार्य पूरा होना चाहिए था, लेकिन अब भी लक्ष्य से पीछे है। कई विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं होने के कारण मूल्यांकन कार्य धीमा है।
अधिकारियों का कहना है कि 9वीं व 11वीं की वार्षिक और 5वीं व 8वीं की बोर्ड परीक्षाओं के कारण भी मूल्यांकन कार्य प्रभावित हुआ है।
जिला शिक्षा अधिकारी (डीइओ) ने समन्वयक केंद्र का निरीक्षण कर मूल्यांकन से अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों के स्कूल के प्राचार्यों को आदेश जारी कर शिक्षकों को रिलीव करने के लिए आदेश जारी किया है।
राजधानी के मॉडल स्कूल में समन्वयक केंद्र बनाए गए हैं। इसमें 17 स्कूलों के शिक्षक मूल्यांकन कार्य से अनुपस्थित पाए गए थे। इन स्कूलों के शिक्षकों को मूल्यांकन कार्य में भेजने के लिए प्राचार्यों को डीईओ ने आदेश जारी किया है ।इसमें हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, जीव विज्ञान, भौतिक विज्ञान जैसे विषयों की लगभग पूरी कापियां चैक हो चुकी है, जबकि भूगोल, रसायन विज्ञान जैसे विषयों की कापियां मूल्यांकन के लिए शेष रह गई है।
डीइओ अंजनी कुमार त्रिपाठी का कहना है कि 10वीं व 12वीं का मूल्यांकन कार्य 31 मार्च तक पूरा कर दिया जाएगा।
अभी तक मूल्यांकन कार्य धीमी गति से चल रहा था, लेकिन होली के बाद तेजी आई है। मूल्यांकन कार्य पांच अप्रैल को पूरा होगा। इसके बाद 10वीं 8व 12वीं का रिजल्ट बनाने की प्रक्रिया शुरू होगी। करीब 10 दिन रिजल्ट बनाने में लगेंगे। 15 से 20 अप्रैल के बीच 10वीं व 12वीं का परिणाम घोषित किया जाएगा।


