जबलपुर। शहर को झुग्गी मुक्त करने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश सरकार द्वारा गरीब हितग्राहियों को सब्सिडी पर आवंटित किए गए आवासों से भी नगर निगम अब टैक्स वसूलेगा।
इनसे लिए जाने वाले टैक्स से नगर निगम को आर्थिक रूप से खास आमदनी तो नहीं होगी, लेकिन गरीबों के ये आवास भी अब अन्य संपत्तियों की तरह नगर निगम के टैक्स रिकार्ड में दर्ज हो जाएंगे।
नगर नगर के राजस्व विभाग द्वारा संबंधित जोन के राजस्व निरीक्षकों को वर्ष 2017 में जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीनीकरण मिशन (जेएनएनयूआरएम) के उपमिशन शहरी गरीब के लिए आधारभूत सुविधाएं (बीएसयूपी) के अंतर्गत आवासों की सूची भेजी है।
नगर निगम ने बृजमोहन नगर, महराजपुर, गढ़ा पुरवा, कटियाघाट, गौरेयाघाट, करियापाथर, एमएलबी स्कूल के समीप, चौधरी मोहल्ला और लेमागार्डन सरकार द्वारा बनवाए गए आवास और शहरी गरीबों को सब्सिडी आवंटित किए गए आवासों की सूची भेजी है।
नगर निगम के उपयुक्त (राजस्व) पीएन सनखेरे ने बताया कि पात्र हितग्राहियों को आवंटित आवासों को भी टैक्स रिकार्ड में दर्ज किया जाएगा। इससे संपत्तियों का रिकार्ड निगम के पास होगा। पता चलेगा कि कितने ऐसे हितग्राही हैं, जिनने आवास किराये पर दे दिया है ऐसे हितग्रहियों के खिलाफ कार्रवाई भी होगी।


