इंदौर। पूरे प्रदेश भर के वकील अधिवक्ता संशोधन बिल के विरोध में एकजुट हो गए हैं। उनका कहना है कि यह बिल अभिभाषकों और अभिभाषक संघों की स्वतंत्रता और स्वायत्तता के विपरीत है। अगर यह पारित हो गया तो वकीलों के अधिकार छीन जाएंगे। वकील इस बिल को काला कानून बता रहे हैं।
उनका कहना है कि वकालत के पेशे को समाज में सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। अधिवक्ता संशोधन बिल में कई ऐसे प्रावधान हैं जो वकालत के पेशे की छवि धूमिल कर देंगे। बिल में वकीलों के लिए एक भी कल्याणकारी योजना नहीं है। इसे वापस लिया जाना चाहिए।
वकीलो ने शुक्रवार को बिल के विरोध में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।

