खेतों को तैयार करने में जुटे किसान, समय पर बोनी के लिए बढ़ी सक्रियता, सीधी जिले में मानसून की दिखने लगी सक्रियता

सीधी। जून माह के दो सप्ताह बीतने के बाद किसान अब खरीफ सीजन के खेती-किसानी की तैयारी में जुट गए हैं।
बीते दो दिनों से लगातार आसमान में बादल छाए हुए हैं और सोमवार को हल्की बारिश के बाद मौसम के हीट वेव में एकाएक बदलाव होने के साथ-साथ मौसम में राहत महसूस की जाने लगी है।
मौसम में आए इस तेज बदलाव के बाद अब बारिश के इंतजार में पलकें बिछाए बैठे किसानों द्वारा खेतों को तैयार किया जाने लगा है। जिससे अच्छी बारिश होने पर जल्द से जल्द बोनी का कार्य शुरू किया जा सके। जो किसान स्वयं के बजाय बटाई पर खेत देते हैं उनके द्वारा भी व्यवस्था बनाई जा रही है। कुछ किसानों द्वारा खेतों के क्षतिग्रस्त मेढ़ों का सुधार का कार्य कराया जा रहा है जिससे तेज बारिश होने पर खेतों में पानी रुक सके।
एमपी न्यूज़ लाइव से चर्चा के दौरान कई किसानों ने बताया कि 10 जून के बाद किसान अपनी खरीफ सीजन की खेती-किसानी के कार्य में जुट जाते हैं, जिससे बारिश होने से पूर्व खेतों का सुधार कार्य किया जा सके। खेतों में यदि पुरानी फसलों के डंठल मौजूद हैं तो उन्हे नष्ट करने का कार्य किया जा रहा है। जिससे समय पर खरीफ सीजन की बोनी का कार्य शुरू हो सके। किसानों को अब केवल काफी बेसब्री से इंतजार है कि जल्द से जल्द झमाझम बारिश का दौर शुरू हो और वो खेतों में बोनी का कार्य शुरू कर सकें।
आने वाले रविवार 23 जून से अषाढ़ महीने का आगाज होने के पूर्व ही हल्की बारिश का दौर जिले में शुरू हो गया। ये माना जा रहा है कि आसमान में उमड़ रहे बादलों के चलते बारिश जल्द ही शुरू हो सकती है। मानसून के पूरी तरह से सक्रिय होने पर ही झमाझम बारिश की शुरूआत होगी।
धान की नर्सरी लगाने में जुटे किसान जिले के ऐसे किसान जो कि धान का रोपा लगाने के इच्छुक हैं उनके द्वारा धान बीजों को बोकर वेहन तैयार करने का काम शुरू कर दिया गया है। कई किसान ऐसे हैं जिनके यहां धान के वेहन तेजी के साथ तैयार हो रहे हैं। ऐसे किसानों की मंशा है कि अच्छी बारिश होने के साथ ही वह खेतों में धान का रोपा लगाने का कार्य शुरू कर देंगे। जिससे समय पर धान का रोपा लगाने का कार्य पूर्ण हो सके। वहीं, अधिकांश किसान अभी धान की नर्सरी लगाने के लिए भी बारिश शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।
सीधी जिले के कई इलाकों में खरीफ सीजन के दौरान किसान प्राथमिकता के साथ धान की बोनी करते हैं, जिससे उन्हे धान की अच्छी पैदावार भी मिलती है।
किसान अपनी खेती को लेकर जहां खेतों को तैयार कर ही रहे हैं, साथ ही इन खेतों को जोतने में सहायक रहने वाले हल, बैल को भी ठीक किया जा रहा है। बैलों का खान-पान बढ़ा दिया गया है तथा जो ट्रैक्टर अर्से से खड़े थे उनको भी तेल मोबिल डालकर खेत जोतने के लायक पूरी तरह दुरुस्त किया जा रहा है।

 

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