भोपाल। मध्य प्रदेश में सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में नई शिक्षा नीति के तहत पाठ्यक्रम लागू कर दिए गए हैं।
इसके तहत स्नातक (यूजी) प्रथम वर्ष में 35 प्रकार के व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को शामिल किया गया है। इस सत्र में यूजी पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
इस बार विद्यार्थियों ने व्यक्तित्व विकास को सबसे ज्यादा पसंद किया है। दूसरा पसंदीदा विषय जैविक खेती और तीसरे नंबर पर पोषण एवं आहार विज्ञान है। ये सभी विषय व्यावसायिक पाठ्यक्रम के तहत संचालित हैं।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति में नवाचार के रूप में विद्यार्थियों को वैकल्पिक विषय चुनने की स्वतंत्रता दी गई है।
विद्यार्थी अपने संकाय के अतिरिक्त किसी अन्य संकाय से भी विषय का चयन कर सकते हैं। ऐसे में विद्यार्थी डिजिटल मार्केटिंग, वेब डिजाइनिंग, पर्यटन, बागवानी व अन्य में एनसीसी, एनएसएस और शारीरिक शिक्षा जैसे विषयों का चयन कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि विद्यार्थी ऐसे पाठ्यक्रम पसंद कर रहे हैं, जिनमें रोजगार की संभावना हो।
बता दें कि इस सत्र में प्रदेश के 1336 कॉलेजों में यूजी की 8.25 लाख सीटों पर करीब 3.85 लाख प्रवेश हुए हैं।
यूजी के प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को उनके द्वारा किए गए कार्यों पर अंक भी दिए जा रहे हैं। नई शिक्षा नीति में विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को इंटर्नशिप, अप्रेंटिस, फील्ड प्रोजेक्ट और कम्युनिटी एंगेजमेंट एंड सर्विस को अनिवार्य किया गया है।
पोल्ट्री मैनेजमेंट में चार, प्लांट डिजीसेस एंड प्रोटेक्शन में पांच, आतिथ्य प्रबंधन में 10, एग्री मार्केटिंग में 14, मृदा विज्ञान एवं उर्वरक में 18, इवेंट मैनेजमेंट में 23, हास्पिटैलिटी मैनेंजमेंट में 50, फैशन डिजाइन में 73 और पोषण एवं आहार पाठ्यक्रम में 99 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है।


