भोपाल। माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिम) ने 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन में इस बार काफी सख्ती बरती है। कई मूल्यांकनकर्ता समय से समन्वयक केंद्र नहीं पहुंच रहे हैं। निर्धारित नियम के अनुसार प्रत्येक शिक्षक को प्रति दिन कम से कम 30 उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन करना है, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है।
इसी कारण मंडल ने इस बार मूल्यांकनकर्ताओं की उपस्थिति को ऑनलाइन दर्ज करने की व्यवस्था की है। इसके लिए एक सॉफ्टवेयर तैयार किया है, जो सभी समन्वयक केंद्रों के पास होगा। सबसे पहले शिक्षकों को ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करानी होगी। इसके लिए मंडल ने सभी समन्वयक केंद्रों को निर्देश जारी किए हैं कि एक कंप्यूटर सिस्टम और एक ऑपरेटर की व्यवस्था की जाए।
24 मार्च से सभी मूल्यांकनकर्ताओं को उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज करनी होगी।
गौरतलब है कि 10वीं व 12वीं के 17 लाख विद्यार्थियों की 90 लाख उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए करीब 40 हजार शिक्षकों को लगाया गया है।
मंडल ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक मूल्यांकनकर्ता मूल्यांकन केंद्र पर उपस्थित होने पर सर्वप्रथम मूल्यांकन केंद्र पर निर्धारित स्थान पर उक्त लिंक के माध्यम से अपने आईडी सिस्टम में दर्ज कराकर अपने आने का समय पंजीकृत कराएंगे।
इसी तरह निकलने से पहले प्रत्येक मूल्यांकनकर्ता फिर आईडी से निकलने का समय ऑनलाइन दर्ज कराएंगे। साथ ही एक दिन में कितनी उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया। इसकी संख्या भी दर्ज करानी होगी।
यह भी निर्देशित किया है कि अगर किसी मूल्यांकनकर्ता ने ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं कराई तो उसे उस दिन अनुपस्थित मान्य किया जाएगा।
वही, दूसरे चरण का मूल्यांकन कार्य शनिवार से शुरू हुआ है। सुबह 10.30 बजे से साढ़े पांच बजे तक मूल्यांकन कार्य संचालित किया जा रहा है।
तीसरे चरण का मूल्यांकन कार्य 31 मार्च से शुरू होगा। अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक मूल्यांकन पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस बार मई के दूसरे सप्ताह में रिजल्ट घोषित होने की संभावना है।
माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव केडी त्रिपाठी ने बताया कि इस बार से मूल्यांकनकर्ताओं की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज होगी। इसमें मूल्यांकन करने के बाद कॉपियों की संख्या भी दर्ज करनी होगी। इसके लिए सॉफ्टवेयर तैयार किए गए हैं।

