अवैध रूप से संचालित अस्पताल को एसडीएम ने किया सील, बीएएमएस डॉक्टर कर रहा था एलोपैथिक इलाज

जबलपुर। दमोह के मिशन अस्पताल प्रकरण के बाद प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है।
कलेक्टर दीपक सक्सेना के निर्देशन में बिना रजिस्ट्रेशन एवं मान्यता वाले अस्पतालों एवं क्लीनिक के खिलाफ लगातार प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जा रही है।
गुरुवार सुबह जिला प्रशासन ने बिलहरी क्षेत्र में फर्जी डिग्री और बिना अनुमति के संचालित हो रहे एक अस्पताल पर कार्रवाई की।
एसडीएम (रांझी) आरएस मरावी ने गरुड़ दल के साथ मौके पर छापा मारा। इस दौरान डॉ. दिव्यांश सुलखिया द्वारा संचालित ‘सुलखिया हॉस्पिटल’ को बिना रजिस्ट्रेशन और अनुमति के मरीजों का इलाज करते हुए पाया गया।
मौके से एलोपैथिक दवाइयां और इलाज के सबूत मिलने के बाद अस्पताल को तत्काल सील कर दिया गया।
जानकारी के मुताबिक मौके पर मौजूद टीम को वहां भर्ती मरीज मिले।
वही, मरीजों ने बताया कि वे लंबे समय से यहां इलाज करा रहे हैं, लेकिन उन्हें कभी यह जानकारी नहीं मिली कि डॉक्टर एलोपैथी की विधिवत योग्यता नहीं रखते।
एक मरीज ने बताया कि यहां रोजाना 20 से 25 मरीज इलाज के लिए आते हैं और कई मरीजो को भर्ती भी किया जाता है।
एसडीएम (रांझी) आरएस मरावी ने बताया कि जांच के दौरान अस्पताल में 10 बेड, नर्सिंग स्टाफ और इलाजरत मरीज मिले। डॉ. दिव्यांश खुद मरीजों को एलोपैथिक दवाएं दे रहे थे। पूछताछ में उन्होंने बीएएमएस (आयुर्वेद) की डिग्री होना बताया, लेकिन एलोपैथी पद्धति से इलाज कर रहे थे। जब दस्तावेज मांगे गए तो अस्पताल के संचालन से जुड़ी कोई अनुमति या रजिस्ट्रेशन उपलब्ध नहीं था।
एसडीएम आरएस मरावी ने आगे बताया कि ऐसी गतिविधियों में लिफ्ट किसी को भी बक्शा नहीं जाएगा।

 

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