इंदौर। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना की सराहना करने के लिए शुक्रवार शाम इंदौर में तिरंगा यात्रा निकाली गई।
यात्रा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी शामिल हुए।
यात्रा के मार्ग पर 150 स्वागत मंच बनाए गए।
यात्रा में सामाजिक संगठन, व्यापारिक संगठन, औद्योगिक संगठन, स्वयंसेवी संगठन, महिला संगठन और धार्मिक संगठन भी सहभागिता किया।
तिरंगा यात्रा में सबसे आगे डीजे बीच में जगह-जगह बैंड, झांकी और रथ मौजूद रहा।
शुक्रवार शाम को 5.30 बजे बड़ा गणपति चौराहा से तिरंगा यात्रा शुरू हुई जो राजवाड़ा मे जाकर समाप्त हुई।
वही, यात्रा में पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए इंदौर के सुशील नाथनियाल की पत्नी जेनिफर नाथनियाल भी शामिल रही।
भाजपा की शहर इकाई द्वारा इस तिरंगा यात्रा को आयोजित किया गया।
भाजपा ने आयोजन को भाजपा के आयोजन के रूप में नहीं, बल्कि समाज के आयोजन के रूप में मनाया। इस आयोजन के लिए भाजपा के नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा, सुधीर कोल्हे और सभी विधायकों ने अलग अलग जिम्मेदारियां ली। पार्टी द्वारा हर दिन सुबह से लेकर रात तक अलग-अलग समय पर अलग-अलग क्षेत्र में अलग-अलग बैठक का आयोजन किया गया। इस यात्रा के मार्ग में 150 मंच बने और इन सभी मंचों से यात्रा का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया।
वही, भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी के रूप में एक युवती तैयार होकर घोड़े पर सवार रही। यह युवती इस तिरंगा यात्रा में सबसे आगे 20 महापुरुषों के रूप में घोड़े पर सवार लोगों के साथ चली। तिरंगा यात्रा के लिए नगर निगम द्वारा तिरंगा रथ बनाया गया। आयशर गाड़ी पर बनाए गए इस रथ में चारों तरफ तिरंगा लगाया गया है।

