भोपाल। वन विभाग के अधीन राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ ने भले ही दो हेक्टेयर तक कृषि भूमि वाले तेंदूपत्ता संग्राहकों को संघ के बजट से संबल योजना का लाभ देने का प्रस्ताव तैयार किया हो, लेकिन सहकारिता विभाग ने अब तक इस प्रस्ताव पर स्वीकृति अभी तक नहीं दी है, इसके चलते दो हेक्टेयर कृषि भूमि वाले तेंदूपत्ता संग्राहक संबल योजना के लाभ वंचित है, जबकि वन और सहकारिता विभाग के अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल है, वे लघुवनोपज संघ के प्रशासक भी हैं।
बावजूद इसके यह स्थिति है। हालांकि, वर्णवाल विभागीय कार्यों की समय पर मंजूरी नहीं मिलने से नाराज बताए जा रहे हैं।
दरअसल, लघु वनोपज संघ के संचालक मंडल की बैठक में निर्णय लिया गया था कि दो हेक्टेयर तक कृषि भूमि वाले तेंदूपत्ता संग्राहकों को भी संघ के बजट से संबल योजना की तरह सामान्य मृत्यु पर दो लाख रुपये एवं दुर्घटना में मृत्यु पर चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी।
वहीं बैठक में संघ के अंतर्गत कार्यरत प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियों के प्रबंधकों की वेतन वृद्धि करने का निर्णय लिया गया था।
इन दोनों ही निर्णयों पर अभी तक आयुक्त सहकारिता ने स्वीकृति प्रदान नहीं की है। बता दें कि लघु वनोपज संघ सहकारिता अधिनियम के तहत गठित है तथा इसके निर्णयों की पुष्टि आयुक्त सहकारिता से कराना जरूरी होता है।
मध्य प्रदेश राज्य लघुवनोपज संघ के प्रबंध संचलक विभाष ठाकुर ने बताया कि दो हेक्टेयर तक कृषि भूमि वाले तेंदूपत्ता संग्राहकों को संबल योजना की तरह लाभ देने की प्रस्ताव बनाकर शासन में भेजा है। सहकारिता विभाग से अब तक अनुमति नहीं मिली है। हमने सहकारिता आयुक्त को पुन: इस संबंध में शीघ्र अनुमति देने के लिए पत्र लिखा है। अभी एक हेक्टेयर वाले तेंदूपत्ता संग्राहकों को संबल का लाभ मिल रहा है।

