इंदौर। लोकायुक्त टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए आजाद नगर थाने में पदस्थ उपनिरीक्षक धर्मेंद्र राजपूत को पकड़ा है।
आरोपी उपनिरीक्षक ने हत्या के मामले में आरोपी पक्ष की मदद के लिए 2 लाख रुपए की मांग की थी, जिसके बाद पहली किस्त के एक लाख रुपए के साथ लोकायुक्त की टीम ने उसे धरदबोचा।
बता दे कि आजाद नगर थाने में दर्ज एक मामले में उपनिरीक्षक धर्मेंद्र राजपूत द्वारा उन्हें लंबे समय से परेशान किया जा रहा था। लोकायुक्त की गिरफ्त में आते ही आरोपी गिड़गिड़ाने लगा।
पुलिस अधीक्षक (लोकायुक्त) राजेश सहाय ने बताया कि स्कीम नंबर 51 संगम नगर निवासी आवेदक संतोष कुमार तोमर और उसका एक्स कैप्टन सिक्योरिटी सर्विस में मैनेजर है। रामचंद्र सिंह के पिता इस सिक्योरिटी कंपनी के डायरेक्टर हैं। आजाद नगर पुलिस ने कुछ दिन पहले रामचंद्र सिंह तोमर के खिलाफ हत्या का केस दर्ज है।
इसके पूर्व उपनिरीक्षक धर्मेंद्र राजपूत द्वारा रामचंद्र सिंह तोमर को हत्या के आरोप में झूठा फंसाने की धमकी देकर बेटे से रिश्वत की मांग की। उनके द्वारा रुपए नहीं देने पर उनके पिता को केस में आरोपी बनाया गया। फिर पिता की अग्रिम जमानत होने के बाद उप निरीक्षक धर्मेंद्र राजपूत ने बेटे संतोष को थाने बुलाया।
लोकायुक्त पुलिस से शिकायत की उसने केस में उसके पिता पर आगे कोई कठोर कार्रवाई नहीं करने और मदद करने के एवज में डेढ़ लाख रुपए रिश्वत की मांग की। इस पर संतोष ने लोकायुक्त पुलिस को शिकायत की। फिर उसे रंगेहाथों पकड़ने की तैयारी की गई।
सोमवार को योजनाबद्ध तरीके से आरोपी धर्मेंद्र राजपूत को ट्रेप कर लिया गया तो वह घबरा गया और गिड़गिड़ाने लगा। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत कार्यवाही जारी है।
कार्रवाई में लोकायुक्त इंस्पेक्टर सचिन पटेरिया, मो. रहीम खान, विजय कुमार, शैलेंद्र सिंह बघेल, कमलेश परिहार, मनीष माथुर, चेतन सिंह परिहार, श्रीकृष्ण अहिरवार एवं शेर सिंह ठाकुर शामिल रहे।


