काठमांडू(नेपाल)। धर्म, आध्यात्म व दर्शन के क्षेत्र में देश-विदेश में तेजी से उभरते, प्रसिद्ध धार्मिक चिंतक इंजी. संतोष कुमार मिश्र “असाधु” को अब कविता के क्षेत्र में भी नेपाल की भूमि में “विश्व हिदी रत्न” की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया है।
नेपाल की प्रसिद्ध संस्था शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउन्डेशन द्वारा हिंदी दिवस 14 सितंबर के सन्दर्भ में आयोजित विश्व हिंदी कविता प्रतियोगिता अंतर्गत इंजी. संतोष कुमार मिश्र “असाधु” को हिंदी दिवस के अवसर पर उनकी प्रसिद्ध कविता “वटवृक्ष का जीवन संघर्ष” के परिप्रेक्ष्य में विश्व हिंदी रत्न मानद उपाधि प्रदान कर सम्मानित किया गया है।
गौरतलब है कि नेपाल और भारत के मध्य सामाजिक तथा सांस्कृतिक सम्बन्ध सुदृढ़ करने, देश-विदेश की साहित्यिक प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने तथा देवनागरी लिपि के संरक्षण व संवर्द्धन के उद्देश्य से विश्व हिंदी कविता प्रतियोगिता का अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आयोजन किया गया था।
इस दौरान शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन के अध्यक्ष आनन्द गिरि मायालु ने कहा कि सम्मान उसी का होता है जिसने समाज के लिए किसी भी माध्यम से कुछ विशेष रचनात्मक कार्य किया हो। इंजी. संतोष कुमार मिश्र “असाधु” समाज के लिए एक प्रेरणा स्रोत हैं, इनकी रचनाओं ने समाज को एक नई दिशा दी है। संस्था आज ऐसी बहुमुखी प्रतिभा को सम्मानित कर स्वयं में गौरवान्वित महसूस करती है।
बता दे कि इसके पूर्व भी इंजी. संतोष कुमार मिश्र “असाधु” विभिन्न विश्व स्तरीय मानक संस्थाओं से सतत सम्मानित किए जाते रहे हैं। इनके कई विश्व स्तरीय महत्वपूर्ण शोध पत्र तथा काव्य रचनाएं विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में सतत सम्मानित और प्रकाशित हुई है। विगत माह में इनकी एक पुस्तक “विवादित पन्ने” ने धार्मिक क्षेत्र में एक नई क्रांति का आगाज़ किया है। उन्होंने अभी तक कुल 11 पुस्तकें लिखी हैं। वर्तमान में ये मध्य प्रदेश पॉवर मैनेजमेंट कंपनी में सुपरिटेंडिंग इंजीनियर के पद पर जबलपुर मुख्यालय में पदस्थ हैं।
इसके अतिरिक्त साहित्य सृजन में उल्लेखनीय योगदान के लिए कई प्रतिष्ठित सम्मान भी मिल चुके हैं।
उल्लेखनीय है कि शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउन्डेशन, नेपाल द्वारा आयोजित विश्व हिंदी कविता प्रतियोगिता में देश-विदेश से हजारों प्रतिभागियों की सहभागिता रही है। जिसमें से उत्कृष्ट कविता के आधार पर कुल 265 प्रतिभाओं को हिंदी दिवस के अवसर पर “विश्व हिंदी रत्न मानद उपाधि” सम्मान एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया है।
वर्तमान में इंजी. संतोष कुमार मिश्र “असाधु” जबलपुर स्थित रामायण केंद्र में संयोजक के रूप में सनातन धर्म और संस्कृति के प्रचार-प्रसार हेतु सघनता से प्रयासरत हैं।
इंजी. संतोष कुमार मिश्र “असाधु” की इस बड़ी सफलता पर विभाग के सहकर्मियों, मित्रों और परिचित लोगों ने बधाईयां देते हुए उन्हें अपनी शुभकामनाएं दी हैं।


