रायसेन। रायसेन जिला जेल में बंद एक महिला कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने शुक्रवार को बड़ा विवाद खड़ा कर दिया।
घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद शव लेने से इनकार कर दिया और जिला अस्पताल के सामने विदिशा-रायसेन मार्ग पर चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया।
इस दौरान सड़क पर लंबा जाम लग गया और मौके पर तनाव की स्थिति व्याप्त हो गई।
जानकारी के मुताबिक 36 वर्षीय महिला बंदी देवकी बंजारा ने गुरुवार शाम करीब 6:30 बजे जेल बैरक के वेंटिलेशन से साड़ी का फंदा बनाकर जान दे दी। वह पिछले चार महीनों से अपनी देवरानी की मौत से जुड़े दहेज प्रताड़ना के मामले में जिला जेल में बंद थी।
बताया जा रहा है कि 29 अप्रैल को उसकी जमानत पर सुनवाई होनी थी, लेकिन संबंधित पक्ष के अदालत में उपस्थित न होने के कारण जमानत नहीं हो सकी।
मृतका के दो छोटे बच्चे हैं, जिससे परिवार पर गहरा संकट आ गया है।
घटना के बाद सबसे गंभीर आरोप महिला के पति लक्ष्मीनारायण ने लगाए हैं।
उनका कहना है कि आत्महत्या से कुछ घंटे पहले ही उनकी पत्नी ने फोन पर जेल के अंदर हो रही प्रताड़ना की जानकारी दी थी।
पति के मुताबिक महिला ने बताया था कि उसे खाने में नशीली दवा मिलाकर दी जाती थी और बेहोशी की हालत में उसके साथ गलत व्यवहार किया जाता था। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इधर, घटना के बाद जेल कर्मियों ने महिला को फंदे से उतारकर तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने रात में ही परिजनों को सूचना दी और शुक्रवार सुबह मजिस्ट्रेट की निगरानी में पोस्टमार्टम कराया गया।
पोस्टमार्टम के बाद जब शव परिजनों को सौंपा जाने लगा तो उन्होंने इसे लेने से इनकार कर दिया और विरोध में सड़क पर उतर आए।
परिजनों का कहना था कि जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन नहीं मिलेगा, वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
इस दौरान पुलिस और परिजनों के बीच हल्की झड़प भी हुई, जिससे माहौल और गरमा गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे।
एसडीएम मनीष शर्मा ने परिजनों से बातचीत कर उन्हें शांत करने की कोशिश की।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि पूरे मामले की मजिस्ट्रेट जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
एसडीओपी प्रतिभा शर्मा ने भी समझाइश देकर करीब कुछ घंटे बाद चक्काजाम समाप्त करवाया।


