जबलपुर। कल यानि 1 मई को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस है, लेकिन देश के निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले मजदूर और आउटसोर्स कर्मचारी आज भी अपने हक के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
जबलपुर में अखिल भारतीय मानवाधिकार समिति ने आउटसोर्स कर्मचारियों की बदहाली को लेकर मोर्चा खोल दिया है।
समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय पांडे ने प्रेसवार्ता में साफ कर दिया है कि अगर 15 दिनों के भीतर कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो पूरे प्रदेश में गांधीवादी तरीके से आंदोलन किया जाएगा।
जबलपुर में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस की पूर्व संध्या पर अखिल भारतीय मानवाधिकार समिति द्वारा एक महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता आयोजन किया गया।
समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय पांडे ने आउटसोर्स कर्मचारियों के साथ हो रहे अन्याय पर तीखा प्रहार किया।
उन्होंने पत्रकारों से रूबरू होकर कहा कि विभिन्न सरकारी विभागों में काम करने वाले आउटसोर्स कर्मचारियों को न तो समय पर वेतन मिल रहा है और न ही कलेक्टर गाइडलाइन के अनुसार भुगतान किया जा रहा है।
आयोजित प्रेसवार्ता में अजय पांडे ने बताया कि कल मजदूर दिवस के अवसर पर सुबह 11:00 बजे समिति के सदस्य और कर्मचारी एकजुट होकर जबलपुर कमिश्नर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और श्रम मंत्री को ज्ञापन सौंपेंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षित होने के बावजूद इन कर्मचारियों को मात्र 8 से 10 हजार रुपये दिए जा रहे हैं, जबकि नियम अनुसार यह राशि कहीं अधिक होनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि कल अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस है जिसे मई दिवस भी कहा जाता है। कल सुबह 11:00 बजे हम सब एकत्र होंगे और विभिन्न विभागों के आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर कमिश्नर के माध्यम से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपेंगे। जो वेतन विसंगति है और कलेक्टर गाइडलाइन के आधार पर जो वेतन नहीं मिल रहा है, उसे तुरंत लागू किया जाए। अगर 15 दिनों में सार्थक कार्रवाई नहीं होती, तो हम जिला स्तर पर धरना देंगे और गांधीवादी आंदोलन करेंगे। हमारा नारा है – ”समान जीवन, समान अधिकार।


