12 बीघा में हत्या और आत्महत्या की दिल दहला देने वाली घटी घटना, एक कमरे में तीन खून से लथपथ मिली लाशें

ग्वालियर। बहोड़ापुर स्थित 12 बीघा में एक कमरे में तीन खून से लथपथ लाशें, हत्या और फिर आत्महत्या का यह सनसनीखेज घटनाक्रम जिसने भी सुना सिहर उठा।
पुलिस के सामने एक नहीं कई सवाल हैं, नरेंद्र सिंह चौहान ने पहले किसे गोली मारी? बेटे को या पत्नी को? बेटे को पहले मारी तो क्या पत्नी बेटे को बचाने का प्रयास भी कर रही थी या पत्नी को पता था कि गोली चलने वाली है। पत्नी के हाथ पर जो लिखा मिला है वह पहले ही पत्नी ने लिख लिया था या बाद में पति ने लिखा? यह भी जांच के बाद भी स्पष्ट होगा।
मौके पर प्राथमिक पड़ताल में पुलिस का मानना है कि नरेंद्र ने पत्नी व बेटे का चेहरा देखे बिना गोलियां चलाईं, क्योंकि पत्नी को पीछे से गोली मारी गई और बेटा चादर में ढका मिला। चादर में गोली का छेद मिला है।
जानकारी के मुताबिक नरेंद्र अपने साले राजीव सिंह गौर की प्रताड़ना से तंग आ चुके थे। करीब 15 दिन पहले उन्होंने अपने ठेकेदार मित्रों से मुलाकात की थी। सभी दोस्तों को बताया था कि कैसे राजीव ने उनका पैसा खाया। पैसा न देने पर पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी देता है और शिकायतें करता है।
तीन दिन पहले नरेन्द्र ने अपने दोस्तों को फोन किया था। फोन पर रोने लगे थे। कहा था कि साले ने जीना मुश्किल कर दिया। इस चक्रव्यूह से निकालो। आसपास रहने वाले लोगों ने भी पुलिस को बताया कि राजीव किसी वजह से कई दिनों से परेशान चल रहे थे। वह तनाव में रहने लगे थे। पूरा परिवार ही गुमसुम रहता था। पहले सभी से हंसकर मिलते थे, लेकिन जब से तनाव में रहने लगे थे बात करना कम कर दिया था।
नरेंद्र और उनका परिवार बहुत डिप्रेशन में था। 10 दिन से घर से बाहर निकलना बंद कर दिया था। बेटे आदित्य का स्कूल जाना बंद करा दिया था। वह डीपीएस में पढ़ता था। बार-बार यही कहते थे कि गुड्डू ने बदनाम कर दिया। वह तो बर्बाद करके ही मानेगा। अब लोगों से नजरें कैसे मिलाऊंगा।
जब आसपास रहने वाले लोग और रिश्तेदार कमरे में पहुंचे तो हृदय विदारक दृश्य था, जिसे देखकर हर किसी की आंख नम हो गई। ठेकेदार नरेन्द्र सिंह चौहान की पत्नी सीमा बेटे से लिपटी हुई थी। सीमा की लाश उल्टी पड़ी थी। उसके हाथ के नीचे बेटे की लाश थी। बेटा चादर के अंदर था।
नरेंद्र के परिजनों ने बताया कि नरेन्द्र ने राजीव को अपने साथ घर में रखा था। सीमा ही खाना खिलाती थी। इसके बाद उसने पैसा हड़प लिया। मार्च में वह यहां से चला गया था, फिर साक्षी हाइट्स में रहने लगा था। जब भी पैसा मांगने जाते थे तो धमकियां देता था। अब तो उसने शिकायतें करना शुरू कर दी थीं।
नरेंद्र ने बेटे के कहने पर कुछ दिन पहले ही नई फार्च्यूनर कार खरीदी थी। हाल ही में एक कीमती जमीन भी खरीदी थी। अपने ही साले द्वारा दिए गए धोखे से वह बहुत आहत हो गए थे। धमकी-मानसिक प्रताड़ना मिल रही थी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि लिखावट विशेषज्ञ से सीमा की हथेली पर मिली लिखावट और सुसाइड नोट की जांच कराई जाएगी। यह तकनीकी साक्ष्य बनेगा, इस आधार पर आगामी कार्रवाई होगी।
ग्वालियर रेंज के आईजी अरविन्द सक्सेना ने बताया कि क्रशर संचालक और उनकी पत्नी, बेटे की लाश मिली है। सुसाइड नोट भी मिला है। इससे स्पष्ट है कि पहले पत्नी-बच्चे को गोली मारी गई, फिर आत्महत्या की। जिस पर आरोप है, वह भी गायब मिला है। उसकी तलाश चल रही है। पैसों के गबन का मामला है, जो मृतका के भाई द्वारा किया गया। जांच के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।

 

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