सीहोर। जिले के विकासखंड आष्टा में शनिवार तड़के शुरू हुई झमाझम बारिश ने नगर और ग्रामीण अंचल को पूरी तरह संकट में डाल दिया। देर रात दो बजे शुरू हुई बारिश सुबह आठ बजे तक लगातार होती रही, जिससे नगर में 39 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
इस तेज बारिश ने जहां शहर के प्रमुख बाजारों को जलमग्न कर दिया, वहीं किसानों की खड़ी फसलें पानी में डूब गई।
झमाझम मूसलाधार बारिश के कारण पार्वती, पपनास, नेवज और दूधी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे बाढ़ का खतरा और गहरा गया है।
जानकारी के मुताबिक नगर के पुराने बस स्टैंड, बुधवारा और परदेसीपुरा क्षेत्र की करीब 20 दुकानों में बारिश का पानी घुस गया।
व्यापारी राकेश जैन और इमरान कुरैशी ने नाराजगी जताते हुए बताया कि कुछ ही दिन पहले ऐसी ही स्थिति बनी थी, लेकिन नगर पालिका ने कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किया। दुकानों में रखे कपड़े, राशन और इलेक्ट्रॉनिक सामान पूरी तरह भीग गया है।
दुकानदारों का कहना है कि हर साल उन्हें इसी तरह नुकसान उठाना पड़ता है और प्रशासनिक लापरवाही उनके व्यवसाय को लगातार चोट पहुंचा रही है।
वही, ग्राम खमरिया के कृषक राम सिंह और कमल सिंह परमार ने बताया कि रातभर की बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है। मक्का और सोयाबीन जैसी प्रमुख फसलें जलमग्न हो चुकी हैं। खेतों में कीचड़ और पानी फैला हुआ है, जिससे भविष्य की खेती भी प्रभावित हो सकती है।
किसानों का कहना है कि यदि बारिश का सिलसिला ऐसे ही जारी रहा, तो उनकी पूरी मेहनत बर्बाद हो जाएगी।
क्षेत्रीय नागरिक विनोद पारख और तेज सिंह पाटीदार ने बताया कि नगर पालिका को कई बार बारिश के मौसम में जल निकासी की समस्या को लेकर आवेदन दिए गए, लेकिन न तो जनप्रतिनिधियों ने ध्यान दिया और न ही प्रशासन ने कोई कार्रवाई की।
उन्होंने बताया कि ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह फेल हो चुका है। इस साल अब तक कुल 356 मिमी (14 इंच से अधिक) बारिश दर्ज की जा चुकी है, जबकि पिछले साल इस समय तक 406 मिमी वर्षा हो चुकी थी।
लगातार बारिश के साथ ही बारना और तवा डैम के गेट खोले जाने और साथ ही बरगी बांध से जल छोड़ने के कारण नर्मदा नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है।
कलेक्टर बालगुरु के. ने लोगो से अपील की है कि वे संभावित बाढ़ग्रस्त और जलभराव वाले क्षेत्रों में न जाएं और सुरक्षित स्थानों पर रहें। प्रशासन और पुलिस को भी अलर्ट कर दिया गया है।
उन्होंने सभी पुल, पुलियों और रपटों पर जलभराव की स्थिति बनने पर आवागमन बंद करने तथा जोखिमपूर्ण इलाकों में नागरिकों को रोकने के निर्देश दिए हैं


