उज्जैन। सिंहस्थ-2028 से पहले उज्जैन में साधु-संतों में विवाद रुकने का नाम नहीं ले रहा है।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ने कहा कि नए रामादल अखाड़ा परिषद के गठन को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा जाएगा। वहीं, कलेक्टर और सिंहस्थ मेला अधिकारी से इस विषय पर चर्चा की जाएगी।
रामादल परिषद सिंहस्थ को लेकर प्रशासन से चर्चा करने को लेकर अधिकृत नहीं है। अखिल भारतीय वैष्णव अखाडा परिषद के पदाधिकारियों के साथ ही शैव अखाड़े व प्रशासन चर्चा करेंगे।
गौरतलब है कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी और महामंत्री हरि गिरी रविवार को उज्जैन पहुंचे थे। दोपहर में शिप्रा नदी के किनारे दत्त अखाड़े में महंत आनंदपुरी की अध्यक्षता में आपात बैठक बुलाई गई थी। इसमें स्थानीय अखाड़ा परिषद को भंग करने का निर्णय लिया गया था।
बैठक में स्थानीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत रामेश्वर गिरी, उपाध्यक्ष आनंदपुरी और प्रवक्ता महंत श्याम गिरी ने अपने पदों से त्यागपत्र दे दिया था।
स्थानीय परिषद के भंग होने के बाद मंगलनाथ रोड स्थित श्री पंच रामानंदीय निर्मोही अखाड़े में वैष्णव संप्रदाय से जुड़े निर्मोही अणि अखाड़ा, दिगंबर अणि अखाड़ा और निर्वाणी अणि अखाड़ा के महंतों और महामंडलेश्वरों की बैठक आयोजित की गई। इसमें स्थानीय अखाड़ा परिषद को भंग कर नए रामादल अखाड़ा परिषद के गठन का निर्णय लिया गया।


