भिंड/जबलपुर। शहर में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब जिला डाकघर को बम से उड़ाने की धमकी वाला एक संदिग्ध ईमेल प्राप्त हुआ।
मेल के मिलने के बाद डाकघर प्रशासन और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक बताया जा रहा कि यह मेल भोपाल से भेजा गया।
डाकघर के पोस्ट मास्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत इसकी सूचना डायल 112 पर दी।
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला तत्काल सक्रिय हो गया और मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
मेल में दोपहर 12 बजकर 10 मिनट पर विस्फोट होने की चेतावनी दी गई थी, जिसके कारण सुरक्षा एजेंसियां और अधिक सतर्क हो गई।
सूचना मिलते ही अति. पुलिस अधीक्षक संजीव पाठक, एडीएम एलके पांडे सहित कोतवाली थाना पुलिस और अन्य प्रशासनिक अधिकारी जिला डाकघर पहुंच गए।
अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रारंभिक जांच शुरू की और पूरे क्षेत्र की बारीकी से जाँच पड़ताल की।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने एहतियातन बजरिया मार्ग पर आवागमन अस्थायी रूप से बंद कर दिया, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके। साथ ही आसपास के इलाके में भी सघन जांच अभियान चलाया गया।
पुलिस और प्रशासन फिलहाल मेल की सत्यता और उसके स्रोत की जांच में जुटे हुए हैं।
वही, अचानक भारी पुलिस बल की मौजूदगी से बाजार में दहशत फैल गई और दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं।
इधर, जबलपुर शहर में भी पोस्ट ऑफिस स्थित पासपोर्ट सेवा केंद्र को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की सूचना सामने आई है। धमकी मिलने के बाद तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी गई, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं।सूचना मिलते ही बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वायड और डॉग स्क्वायड के साथ भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने तत्काल पासपोर्ट सेवा केंद्र और पोस्ट ऑफिस की पूरी इमारत को खाली करा दिया जिसके बाद वहां मौजूद कर्मचारियों और आम लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया।
इसके बाद सुरक्षा टीमों ने पूरे परिसर की सघन जांच शुरू की। लगभग एक घंटे तक चली जांच के दौरान भवन के अंदर और आसपास के क्षेत्र की बारीकी से तलाशी ली गई। हालांकि प्रारंभिक जांच में किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। धमकी देने वाले की पहचान और उसके स्रोत का पता लगाने के लिए साइबर टीम और पुलिस की संयुक्त जांच जारी है।


