जबलपुर। केन्द्र सरकार द्वारा पेश अंतरिम बजट को चेम्बर द्वारा एक संतुलित प्रयास बताया गया, जो कि दीर्घकालिक दृष्टि से लाभ देगा।
जबलपुर चेम्बर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष प्रेम दुबे द्वारा बताया गया कि मध्यम और छोटे व्यापारी को टैक्स स्लैब और ब्याज मुक्त ऋण के माध्यम से राहत दी जा सकती थी, जो कि नदारत है और इससे निराशा हुई है। वहीं, दूसरी और रेलवे, उर्जा और आधारभूत क्षेत्र में प्रावधानों से व्यापार क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।
चेम्बर सचिव पंकज माहेश्वरी ने सरकार द्वारा किए गए 11 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय के प्रावधान को एक अच्छा कदम बताते हुए कहा कि इससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
चेम्बर उपाध्यक्ष नरिंदर पांधे द्वारा पेट्रोल डीजल को जीएसटी में शामिल न किया जाना एवं स्क्रेप नीति, टोल नीति में ट्रांसपोर्ट के लिए बजट में कोई राहत नहीं है, जो ट्रांसपोर्ट सेक्टर को निराश करता है और महंगाई रोकने में असफल साबित होगा।
चेम्बर के सीए अनिल अग्रवाल द्वारा कर दाताओं की पिछले वर्षों की दस हजार रुपये तक कि टैक्स डिमांड को सरकार द्वारा माफ करना एक अच्छा कदम बताया गया और साथ ही पर्यटन क्षेत्र में 75 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान रोजगार के लिए प्रभावी होगा।
एड. अभिषेक ध्यानी द्वारा करों के अनुपालन को कम करने और सरलीकरण के प्रावधान न होने पर निराशा जताई गई।
चेम्बर सदस्य दीपक सेठी द्वारा स्टार्टअप के क्षेत्र में सरकार द्वारा उठाए गए कदम का स्वागत किया गया और मांग की गई कि सरकार ई-कॉमर्स क्षेत्र में जल्द से जल्द नीति बनाए।
एड. एमएम नेमा द्वारा मांग की गई कि जीएसटी सरलीकरण के क्षेत्र में सरकार को प्रावधान करने चाहिए थे।
चेम्बर सदस्य हरजिंदर रेखी द्वारा कॉर्पोरेट क्षेत्र में प्रावधानों का स्वागत किया गया और कैपिटल गेन टैक्स को कम करने की मांग की गई।
इस दौरान जबलपुर चेम्बर के अध्यक्ष प्रेम दुबे, सचिव पंकज माहेश्वरी, नरिंदर सिंह पांघे, सीए अनिल अग्रवाल, कर अधिवक्ता अभिषेक ध्यानी, एड. एमएम नेमा, सरबजीत सिंह लाम्बा (रांझी व्यापारी संघ), हरजिंदर रेखी दीपक सेठी, शशिकांत पांडेय, उमेश ग्रावकर आदि उपस्थित थे।


