बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन के वक्त उत्तर पुस्तिका कहां से आई, शिक्षकों को नहीं चलेगा पता

जबलपुर। बोर्ड परीक्षाओं के साथ ही उत्तर पुस्तिका के मूल्यांकन करवाने की तैयारी माध्यमिक शिक्षा मंडल ने प्रारम्भ कर दी है।
फिलहाल शिक्षा मंडल उत्तर पुस्तिकाओ में बारकोड चस्पा करवा रहा है, ताकि मूल्यांकन करने वाले को यह बिल्कुल न पता चल सके कि कापियां किस सेंटर, जिले की है। सिर्फ उत्तर पुस्तिका में लिखे जवाब के आधार पर ही मूल्यांकनकर्ता नंबर दे। इसके लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा सभी कापियों में बारकोड लगाने की व्यवस्था की गई।
शासकीय एमएलबी स्कूल में कक्षा 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं में बार कोड लगवाया जा रहा है।
कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा की कापियों में भी बार कोड लग रहा है। यह काम सिवनी जिले में हो रहा है, जहां पर पूरे संभाग की कापियों पर बार कोड लग रहा है।
बीते वर्ष माशिमं ने पायलेट प्रोजेक्ट के तहत पांच विषयों में सिर्फ बारकोड लगवाया था। इस बार कक्षा 12वीं के सभी विषयों की कापियों पर बारकोड लग रहा है। बता दें कि बारकोड रोल नंबर पर लगाया जाता है। कापियों पर पहला पेज ओएमआर शीट है। जिसके आधार पर जानकारी दर्ज की गई है।
हर परीक्षार्थी की कापी के रोल नंबर के ऊपर बारकोड चस्पा किया जा रहा है। बारकोड से छेड़खानी करने पर मूल्यांकनकर्ता पर कार्रवाई होगी। इस बार कापियों के रोल नंबर पर स्टीकर की जगह बारकोड लगाया जाना है। यह काम शुरू हो चुका है।
बता दे कि माशिमं परिणामों में किसी तरह की खामी नहीं बरतना चाह रहा है इसलिए शुरुआत से ही सख्ती बरती जा रही है।
जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी ने बताया कि उत्तर पुस्तिकाओ में बारकोड लगवाया जा रहा है ताकि गोपनीयता और पारदर्शिता बरकरार रहे। संभाग स्तर पर सभी कापियों में बार कोड लगाने की प्रक्रिया चल रही है।

 

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