भोपाल। देश में आपातकाल का काले अध्याय 49 साल पूरे होने के मौके पर बुधवार को भोपाल में श्यामला हिल्स पर स्थित मुख्यमंत्री आवास में लोकतंत्र के सेनानियों का प्रादेशिक सम्मेलन का आयोजन किया गया।
इस सम्मेलन में प्रदेशभर से मीसाबंदी और उनके स्वजन पहुंचे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास पधारे लोकतंत्र सेनानियों पर पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया।
डॉ. मोहन यादव ने इस सम्मेलन के दौरान मीसाबंदियों के लिए कई बड़ी घोषणाएं की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और लोकतंत्र सेनानियों को बीमार होने पर अगर आकस्मिक चिकित्सा के लिए एयर एंबुलेंस की जरूरत होगी तो सरकार उनके लिए एयर एंबुलेंस का इंतजाम कराएगी। इसके अलावा प्रदेश में चलने वाली एयर टैक्सी में लोकतंत्र सेनानियों को किराए में 25% छूट मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की तरह ही सभी मीसाबंदियों को भी ताम्रपत्र प्रदान किया जाएगा। मीसाबंदियों को सर्किट हाउस, विश्रामगृह आदि में ठहरने के लिए 50 फीसदी तक छूट दी जाएगी। लोकतंत्र सेनानियों का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ होगा। इनकी अंत्येष्टि के लिए 8000 की राशि दी जाती है। इस राशि को बढ़ाकर 10 हजार रुपए किया जाएगा।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के मंच से यह भी घोषणा किया कि आपातकाल के संघर्ष को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।
इस दौरान प्रदेश भर के 750 मीसाबंदी और उनके परिजन मुख्यमंत्री आवास में मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने फूल बरसाकर सभी का स्वागत किया।
कार्यक्रम में मीसाबंदियों ने आपातकाल और जेल जाने के संस्मरण भी सबको सुनाए।

