भोपाल। राजधानी में त्रिशूल कंस्ट्रक्शन कंपनी के संचालक राजेश शर्मा के ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी कार्यवाही चल रही है। उनसे जुड़े लोगों के ठिकानों पर भी रेड पड़ी है।
आयकर विभाग के अधिकारियों के मुताबिक बुधवार सुबह 6.45 बजे एक साथ छापा मारा गया। उनके सभी 52 ठिकानों पर 500 अधिकारी और सीआईएसएफ के जवान पहुंचे।
जांच टीम को अब तक 10 लॉकर्स की जानकारी मिली है। इसके अलावा भारी मात्रा में ज्वेलरी मिली है। इसका वैल्यूएशन किया जाना बाकी है।
भोपाल में नीलबड़, एमपी नगर, कस्तूरबा नगर, होशंगाबाद रोड, 10 नंबर मार्केट, मेंडोरी, मेंडोरा, आरपीएम टाउन में अलग-अलग ठिकानों पर जांच जारी है।
वही, इंदौर में त्रिशूल कंस्ट्रक्शन के राजेश शर्मा और आदित्य गर्ग के यहां भी छापेमारी हुई। ग्वालियर में रामवीर सिकरवार के यहां छापे की कार्रवाई की गई है।
आयकर अधिकारियो के मुताबिक जिन बिल्डर्स के यहां गड़बड़ी के बाद छापेमारी की कार्रवाई की गई है, वे सभी जमीन की खरीद-फरोख्त करते हैं और होटल सेक्टर में इन्वेस्ट करते हैं। जांच के दौरान जमीन बेचने के मामले में जमा कराए जाने वाले कैश से संबंधित 10 दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। इस जांच में करोड़ों रुपए की कर चोरी सामने आने की आशंका है। इसकी स्थिति अगले दो दिन में साफ हो पाएगी।
खनन और कंस्ट्रक्शन कारोबार से जुड़े राजेश शर्मा पूर्व मुख्य सचिव के करीबी माने जाते हैं।
राजेश शर्मा त्रिशूल कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक होने के साथ भोपाल में क्रेशर संचालकों के संगठन का नेतृत्व भी करते रहे हैं। वे राजधानी और आसपास के क्षेत्रो में खदानों के ठेके और क्रेशर संचालन का काम भी करते रहे हैं। कंस्ट्रक्शन कारोबार से भी जुड़े हैं।
त्रिशूल कंस्ट्रक्शन कंपनी के संचालक राजेश शर्मा की सत्ता पक्ष के कई नेताओं से खासी दोस्ती है। इसके चलते ही राजेश शर्मा को सीएम राइज स्कूलों के कंस्ट्रक्शन का भी काम मिला है। रायसेन का सीएम राइज स्कूल इनकी कंपनी ही बना रही है। राजेश शर्मा बीजेपी सरकार में पूर्व मंत्री रहे रामपाल सिंह के करीबी बताए जाते हैं।

