इंदौर। महापौर पुष्यमित्र भार्गव द्वारा शहर की सड़कों की स्थिति को लेकर शुक्रवार को सिटी बस कार्यालय में बैठक की गई।
बैठक में नगर निगम अधिकारियों के साथ कंसल्टेंट, ठेकेदारों ने सिटी बस कार्यालय पर आयोजित बैठक में अपनी बात रखी।
बैठक में महापौर ने निर्देश दिए कि 25 अक्टूबर 2025 तक इंदौर शहर एवं आस-पास की सभी सड़कों का निर्माण कार्य एवं पेंचवर्क अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लिया जाए।
बारिश में खराब हो रही डामर सड़कों की मरम्मत का जिम्मा जिन एजेंसियों को था, उनके लापरवाह रवैये पर नाराजगी जताते हुए महापौर ने उनके खिलाफ कार्यवाही के निर्देश दिए।
महापौर ने कहा कि जिन ठेकेदारों ने कार्य करने के बाद पेंचवर्क नहीं किया, उनसे न केवल जवाब तलब किया जाएगा, बल्कि कार्यवाही कर दोबारा उन्हीं से कार्य पूर्ण करवाया जाए। साथ ही कुछ मास्टर प्लान की सड़कों पर नियम विरुद्ध नक्शे पास करने वाले अधिकारियों पर भी सख्त कार्यवाही की जाएगी। इस संबंध में महापौर ने नगर निगम द्वारा आयुक्त के संज्ञान में यह विषय लाया जाकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई को निर्देश दिए।
महापौर ने कहा कि शहर में जहां भी निर्माण कार्य चल रहे हैं, वहां निर्माण से संबंधित जानकारी एवं सूचना का बोर्ड लगाकर नागरिकों को जानकारी दी जाए और कार्य के दौरान होने वाली असुविधा के लिए खेद प्रकट किया जाए। बारिश के कारण हुए इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षरण की मरम्मत मानसून उपरांत तेजी से की जाएगी।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने यह बात दोहराई कि सड़क सुरक्षा और गुणवत्ता हमारी जिम्मेदारी है। शहरवासियों को सुविधा मिले यह हमारी प्राथमिकता है।
बैठक में जनकार्य प्रभारी राजेंद्र राठौर, अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर, अधीक्षण यंत्री डीआर लोधी सहित संबंधित अधिकारी सम्मिलित हुए।
महापौर ने बताया कि शहर की 23 प्रमुख मास्टर प्लान की सड़कों पर चार पैकेज में कार्य प्रारंभ हो चुका है, जिनकी समीक्षा आज की गई। निर्माण कार्यों में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। उन्होने कहा कि सभी विभाग परस्पर समन्वय से कार्य करें और तय समय-सीमा में परिणाम दें।


