जबलपुर। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की मिलेनियम कॉलोनी में हुए दोहरे हत्याकांड मामले में मुख्य आरोपी मुकुल सिंह ने गुरुवार की आधी रात को सिविल लाइन थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। जिसके बाद मुकुल ने हत्या की वजह बताई।
पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह ने प्रेसवार्ता में बताया कि मुकुल सिंह ने सिविल लाइन थाने में पहुंचकर खुद को सरेंडर किया। उन्होंने बताया कि इस मामले में पूछताछ की जा रही है।
बता दे कि दो दिन पूर्व ही मुकुल के साथ भागी नाबालिग को पुलिस ने हरिद्वार से पकड़ा था। उस समय मुकुल पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। जबलपुर पुलिस नाबालिग लड़की को लेकर जबलपुर आ गई थी। इसी दौरान मुकुल ने खुद को पुलिस के हवाले कर दिया। देर रात थाने पहुंचा और खुद बताया कि मैंने 15 मार्च को मिलेनियम कॉलोनी निवासी राजकुमार विश्वकर्मा और उसके बेटे तनिष्क की हत्या की थी।
गौरतलब है कि मिलेनियम कॉलोनी में रहने वाले जबलपुर रेल मंडल के हेड क्लर्क राजकुमार विश्वकर्मा (52) और उनके बेटे तनिष्क (9) की 14 और 15 मार्च की दरमियानी रात हत्या कर दी गई थी। कॉलोनी के ही रेलवे अधिकारी के बेटे मुकुल को नामजद किया गया था। तब से वह फरार था। जो सीसीटीवी फुटेज मिले हैं उससे सामने आया था कि राजकुमार की नाबालिग बेटी भी मुकुल के साथ रहे। लेकिन पुलिस के हाथ दोनों ही नहीं लगे थे।
पुलिस के अनुसार मुकुल और नाबालिग ने पूरी तरह से हुलिया बदल लिया था। प्रारंभिक पूछताछ में मुकुल ने पुलिस को बताया कि राजकुमार ने नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के मामले में मुकुल को जेल भिजवाया था, उसी समय से उसने बदला लेने की ठान ली थी। मुकुल कुछ दिनों बाद जमानत पर जेल से बाहर आ गया। कुछ दिन तो मुकुल शांत रहा, फिर उसने नाबालिग से संपर्क किया। एक दो बार कॉलोनी में गार्ड ने मुकुल और नाबालिग लड़की के घूमने पर आपत्ति जताई तो उसने अपने पिता के अधिकारी होने का रसूख बताते हुए चुप करवा दिया।
मुकुल ने नाबालिग लड़की के साथ मिलकर उसके पिता राजकुमार विश्वकर्मा के बारे में जानकारी जुटा रहा था। उसने हत्या से जुड़ी सारी तैयारी पहले ही कर ली थी। 15 मार्च को जब राजकुमार रसोई में खाना पका रहे थे उसी वक्त मुकुल चुपके से घर में दाखिल हुआ और धारदार हथियार से राजकुमार के सिर पर हमला कर दिया था। राजकुमार की चींख सुनकर तनिष्क रसोई में पहुंचा तो आरोपी ने उसे भी मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद से नाबालिग और आरोपी फरार हो गए थे।


