वीआईटी यूनिवर्सिटी में हंगामा, मारपीट, आगजनी, स्टूडेंट्स एडमिन ब्लॉक में घुसे, बस-कार और गार्ड रूम जलाया, भारी पुलिस बल तैनात

DR. SUMIT SENDRAM

सीहोर। जिले के आष्टा स्थित वीआईटी यूनिवर्सिटी में मंगलवार रात हालात अचानक बेकाबू हो गए।
करीब 4 हजार छात्र यूनिवर्सिटी कैम्पस में जमा हो गए और देखते ही देखते बसें और गाड़ियां आग की लपटों में घिर गईं। कई वाहनों के शीशे चकनाचूर हो गए, एम्बुलेंस में तोड़फोड़ हुई और परिसर में अफरा-तफरी मची रही।
गुस्साए छात्रों के हंगामे को काबू करने के लिए 5 थानों की पुलिस को एक साथ मैदान में उतरना पड़ा।
यूनिवर्सिटी में छात्रों का उग्र प्रदर्शन बुधवार को भी जारी रहा।
सुबह यूनिवर्सिटी की बिल्डिंग में कुछ छात्रों ने फिर आग लगा दी। हालात बिगड़ते देख कैंपस में पैरामिलिट्री फोर्स तैनात कर दी गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम को भी कैंपस में बुलाया गया। टीम ने मेडिकल टेस्ट के लिए सभी छात्रों के ब्लड सैंपल लिए।

छात्रों ने बताया कि यूनिवर्सिटी में भोजन और पानी की खराब क्वालिटी के कारण हमारे कई साथियों को पीलिया हो गया है। 100 छात्र अस्पतालों में भर्ती हैं। कुछ की मौत भी हुई है। हमने जब विरोध में आवाज उठाई तो गार्ड ने हमारे साथ मारपीट की।
मारपीट की घटना के बाद मंगलवार रात 4 हजार छात्रों ने कैंपस में बस और कारों में आग लगा दी।
जिसके बाद 5 थानों से पुलिस बल बुलाना पड़ा।
वहीं, यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने 30 नवंबर तक अवकाश घोषित कर दिया। इसके बाद स्टूडेंट्स यूनिवर्सिटी छोड़कर चले गए।
वीआईटी यूनिवर्सिटी के डीन सुरेश एम ने एक मामले में स्पष्टीकरण दिया है।
उन्होंने बताया कि प्रो. संग्राम केसरी दास (43) की मौत सीहोर स्थित उनके मकान में हुई। वह वहां किराए से रहते थे।
डीन ने आगे कहा कि प्रो. दास की मौत का वीआईटी में कल रात हुई घटना से कोई संबंध नहीं है।

 

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