सीहोर। कुबेरेश्वर धाम में इन दिनों शिवमय वातावरण से गूंज रहा है। हर ओर हर-हर महादेव के जयकारे, रुद्राक्ष की सुगंध और भक्तों की श्रद्धा से पूरा क्षेत्र एक आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया है।
मंदिर परिसर से लेकर आसपास के गांव-शहर तक श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। लाखों लोग भगवान शिव के दर्शन और गुरुजी की कथा सुनने के लिए धाम पहुंच रहे हैं।
बता दे कि श्री रुद्राक्ष महोत्सव का आयोजन 14 से 20 फरवरी तक किया जा रहा है।
पहले ही दिन लगभग दो लाख श्रद्धालु धाम पहुंच चुके हैं और प्रशासन का अनुमान है कि कुल 10 से 12 लाख भक्त इस महोत्सव में हिस्सा लेंगे।
यह आयोजन न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी ऐतिहासिक माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार इस वर्ष महाशिवरात्रि को साधारण पर्व नहीं बल्कि ‘ग्रीन शिवरात्रि’ के रूप में मनाया जाएगा।
विट्ठलेश सेवा समिति ने यह संकल्प लिया है कि 24 घंटे के भीतर देश-विदेश में कुल एक करोड़ पौधे रोपे जाएंगे। इसका उद्देश्य शिव भक्ति को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को भी शुद्ध प्रकृति का वरदान मिल सके। 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन धाम परिसर में 12 ज्योतिर्लिंगों के प्रतीक स्वरूप पौधों का रोपण कर ज्योतिर्लिंग गार्डन की नींव रखी जाएगी। यह गार्डन न सिर्फ हरियाली का केंद्र बनेगा बल्कि श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक प्रेरणा स्थल भी होगा।
इस विशेष आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में गोपाल आर्य (पर्यावरण गतिविधि, आरएसएस) एवं पद्मश्री डॉ. उमाशंकर पांडेय उपस्थित रहेंगे।
पं. प्रदीप मिश्रा के सान्निध्य में अतिथिगण धाम परिसर में 12 ज्योतिर्लिंगों के प्रतीक स्वरूप पौधों का रोपण कर ‘ज्योतिर्लिंग गार्डन’ की नींव रखेंगे।
महोत्सव में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। लगभग 2000 पुलिसकर्मी, 256 सीसीटीवी कैमरे और 10 ऊंचे वॉच टावरों से 24 घंटे निगरानी की जा रही है। इसके अलावा 2100 से अधिक स्वयंसेवक पार्किंग, कतार व्यवस्था और अन्य सेवाओं में लगे हुए हैं, ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए धाम पर 10 बिस्तरों वाला स्थायी अस्पताल शुरू किया गया है। साथ ही साथ 30 एम्बुलेंस और 5 स्वास्थ्य शिविर निरंतर सेवाएं दे रहे हैं। 500 पेयजल केंद्र, 350 शौचालय और 465 मोबाइल चार्जिंग पॉइंट्स की व्यवस्था की गई है। भोजनशाला में 200 स्टालों के माध्यम से प्रसाद वितरण किया जा रहा है।


