दतिया। जिले के गोदन थाने में पदस्थ 55 वर्षीय सहा. उपनिरीक्षक प्रमोद पावन ने थाना परिसर स्थित सरकारी आवास में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उनका शव मंगलवार सुबह फंदे पर लटका मिला है। आत्महत्या के पूर्व उन्होंने एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला है।
वीडियो में एएसआई प्रमोद पावन थाना प्रभारी अरविंद भदौरिया सहित चार लोगों पर प्रताड़ना के आरोप लगा रहे हैं। प्रमोद के तीन वीडियो सामने आए हैं। तीनों में यही आरोप लगाए हैं।
भिंड जिले के बम्बनपुरा गांव के रहने वाले सहा. उपनिरीक्षक प्रमोद पावन वीडियो में कह रहे हैं कि उन्हें जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया गया। पिछले 15 दिनों से थाने से बाहर नहीं जाने दिया गया। गोदन थाना प्रभारी अरविंद भदौरिया, थरेट थाना प्रभारी अनफासुल हसन, गोदन थाने के ड्राइवर रूपनारायण यादव और रेत व्यवसायी बबलू यादव ने उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
एएसआई प्रमोद पावन के बेटे धीरेंद्र ने बताया कि रात में पापा ने मुझे वीडियो भेजे थे। सुबह करीब साढ़े 5 बजे वीडियो को देखकर मैंने उनको कॉल किया। उन्होंने फोन नहीं उठाया तो मैंने चाचा को जानकारी दी। चाचा ने भी कॉल किया, लेकिन फोन नहीं उठा। चाचा ने किसी को कमरे पर भेजा, जहां वे फंदे पल लटके मिले।
धीरेन्द्र ने आगे बताया कि पापा ने जो वीडियो मुझे भेजे थे, उसमें वे थाना प्रभारी और ड्राइवर को प्रताड़ित करने की बात कह रहे हैं। वीडियो में वे बता रहे हैं कि थाना प्रभारी ने उन्हें जातिसूचक शब्द कहे। वे कह रहे हैं कि तुम नीची जाति के हो। ट्रक के नीचे कुचल दिए जाओगे, मर जाओगे तुम कुछ नहीं कर पाओगे। हम थाना प्रभारी और उसके सहयोगी पर कार्रवाई चाहते हैं।
प्रमोद पावन के छोटे भाई अनिरुद्ध दतिया के बड़ौनी थाने में प्रधान आरक्षक हैं। अनिरुद्ध ने बताया कि भतीजे धीरेंद्र के कहने पर मैंने भाई को कॉल किया। कॉल रिसीव नहीं हुआ तो धीरेंद्र को उनके आवास पर भेजा, जहां वे फांसी पर लटके मिले।
अनिरुद्ध ने बताया कि प्रमोद को दो साल पहले प्रमोशन मिला था, जिसके बाद उनका ट्रांसफर भिंड जिले के गोहद थाने से दतिया जिले में हुआ था। पहले वे पंडोखर थाने में पदस्थ रहे। करीब 10 माह पहले उनका ट्रांसफर गोदन थाने में कर दिया गया था। उनके दो बेटे और दो बेटियां हैं। प्रमोद का कभी किसी से कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं रहा और न ही उनके खिलाफ कोई विभागीय जांच चल रही थी।
मौके पर पहुंचे एसडीओपी (सेवढ़ा) अजय चनाना ने अनिरुद्ध की बात दतिया के पुलिस अधीक्षक सूरज वर्मा से करवाई। बातचीत में अनिरुद्ध ने कहा कि कई बार अपने भाई के साथ पहुंचकर आपसे शिकायत की थी, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से आग्रह किया कि अब निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। पुलिस अधीक्षक सूरज वर्मा ने उन्हें जांच का आश्वासन दिया है।
पुलिस अधीक्षक सूरज वर्मा ने बताया कि मामले की जांच डीएसपी (अजाक) उमेश गर्ग को दी गई है। जो वीडियो सामने आया है उसकी भी जांच की जा रही है। एक विशेष टीम भी गठित की जा रही है, जो इस पूरे मामले की जांच करेगी। अधिकारी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिला रहे हैं।
उप पुलिस अधीक्षक (अजाक) उमेश गर्ग ने बताया कि जो भी साक्ष्य सामने आएंगे, उनके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वही, गोदन थाना प्रभारी अरविंद भदौरिया ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने मीडिया से कहा कि थाने में कोई अवैध गतिविधि नहीं चलती और उन पर लगाए गए आरोप झूठे हैं।


