युवक की मौत के बाद निजी अस्पताल में तोड़फोड़, जान बचाकर भागे अस्पतालकर्मी

ग्वालियर। माधव डिस्पेंसरी के सामने एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान युवक की मौत पर बवाल मच गया।
अस्पताल में तोड़फोड़ कर दी गई। मारपीट के डर से अस्पतालकर्मी भाग खड़े हुए।
सूचना मिलने पर कम्पू पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाइश दी। लेकिन परिजन लापरवाह चिकित्सक पर कार्रवाई करने की जिद पर अड़े थे।
परिजनों का कहना था कि डॉक्टर को हमारे पास लाया जाए जिसकी वजह से हमारे बेटे की जान गई है। इतना ही नहीं अस्पताल में हंगामा होते देख भर्ती अन्य मरीजों को उनके परिजन दूसरे अस्पताल लेकर चले गए।
बता दें कि मोहना के करसेना गांव निवासी 22 वर्षीय विशाल खटीक को पैर में इंफेक्शन होने पर सूर्या हास्पिटल में चार जनवरी को भर्ती कराया गया था।
मृतक विशाल के पिता मोहन खटीक ने बताया कि बेटे के पैर में घाव था, जिसका आपरेशन होना था। 12 दिन भर्ती रखने के बाद भी आपरेशन नहीं किया और डॉक्टर की लापरवाही के कारण विशाल ने दम तोड़ दिया।
विशाल की मौत से गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में हंगामा कर तोड़फोड़ कर दी। इस दौरान अस्पताल के चिकित्सक भी मौके से भाग खड़े हुए।
सूचना मिलने कम्पू थाना पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाइश देकर शांत कराया।
मृतक विशाल के पिता मोहन ने बताया कि इलाज के नाम पर अस्पताल में पांच लाख रुपये ले लिए, जबकि 55 हजार रुपये में इलाज करने की गारंटी ली थी।

 

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