भोपाल। राज्य सरकार ने अभियोजन स्वीकृति को लेकर विधि एवं विधायी कार्य विभाग और प्रशासकीय विभाग में मत भिन्नता की स्थिति में निर्णय लेने के लिए 6 मंत्रियों की समिति गठित किया है।
समिति के अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे।
बता दे कि लोकायुक्त, ईओडब्लू एवं अन्य जांच एजेंसियों को अधिकारी कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद केस चलाने अनुमति लेने होती है।
ऐसे में प्रकरणों में विधि एवं विधायी कार्य विभाग और प्रशासकीय विभाग को अपना मत देना होता है।
कई बार इनके मत में भिन्नता होती है। ऐसे मामलों को हल करने के लिए मंत्रिपरिषद की समिति का गठन किया गया है।
6 सदस्यीय समिति के अध्यक्ष मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रहेंगे। इसके अलावा उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मंत्री प्रहलाद पटेल और मंत्री संपतिया उइके सदस्य रहेंगी।
मुख्य सचिव मध्य प्रदेश शासन इस समिति के सचिव होंगे।


