इंदौर। बड़ी कदवाल (अलीराजपुर) से गिरफ्तार डकैत सोमला ने इंडियन आइल कॉर्पोरेशन (आईओसी) के मैनेजर पुष्पेंद्र सिंह के घर डकैती करना कबूल लिया है।
पुष्पेंद्र अपनी पत्नी आकांक्षा सहित आठ दिन से बाहर थे।
डकैतों ने कार पर धूल और दरवाजे पर कचरा देख घर सूना समझा और ताला तोड़कर घुस गए। पुलिस अब सोमला के पांच साथियों की तलाश में जुट गई है।
पुलिस उपायुक्त जोन-3 पंकज पाण्डेय के मुताबिक सोमला पिता बदनसिंह निवासी बड़ी कदवाल (अलीराजपुर) को चार मार्च तक पुलिस रिमांड पर लिया है।
वारदात में शामिल आकाश उर्फ आकेश बघेल, राहुल, थावरिया उर्फ राजेश, संतोष और हिराया अभी फरार हैं। सोमला पिछले वर्ष सितंबर में ही राइफल लूटने के मामले में महू कोर्ट से जमानत पर छूटा है। उसके खिलाफ सांवेर, बड़गोंदा, बोरी (अलीराजपुर), झाबुआ, जोबट, बाग, टांडा, बेटमा व द्वारिका (गुजरात) में 18 मुकदमे दर्ज है। उनमें 11 प्रकरण लूट और डकैती के शामिल हैं।
आरोपी सोमला ने पूछताछ में बताया कि वह सूने घरों को निशाना बनाता था। गैंग के साथ पॉश कॉलोनियों में घुसकर ऐसे घर देखता था, जिनमें ताले लगे हो। कार पर धूल और दरवाजे पर कचरा पड़ा हो। इससे सूने होने का अंदेशा लगा लेता था। पुष्पेंद्र का घर भी सूना लगा और ताला तोड़कर घुस गया। अचानक सामना होने पर धमकाया और जो मिला, लेकर भाग गया।
सोमला ने पुलिस को गुमराह करने के लिए कालीदेवी (झाबुआ) में कार छोड़ी थी, लेकिन उसकी आवाज और कद-काठी से झूठ पकड़ा गया। पुष्पेंद्र के बेडरूम में लगे सीसीटीवी कैमरे में आवाज रिकार्ड हो गई। नकाबपोश होने के बाद भी मुखबिर ने सोमला की आवाज सुनी और पहचान लिया। दूसरे दिन टीम बड़ी कदवाल में डकैतों के डेरों पर पहुंच गई। हालांकि सोमला गैंग के साथ फरार हो गया। गुजरात भागने के दौरान सोमला घायल हो गया।
पुलिस को पुख्ता खबर मिली और सोमला को पकड़ लिया। हालांकि इस दौरान महिलाओं ने पुलिसकर्मियों से खूब हुज्जत की।
लंदन विलाज में डकैती की घटना की सरकार और पुलिस मुख्यालय से निगरानी हो रही थी। सोमला का नाम सामने आते ही पुलिस आयुक्त राकेश गुप्ता ने धार, झाबुआ, अलीराजपुर और बाणगंगा, अपराध शाखा की टीमें लगा दीं। बाग, टांडा, झाबुआ के गिरोह की जानकारी रखने वाले थानाप्रभारी नीरज बिरथरे, सुरेश गाड़रिया, राजसिंह चौहान, जनकसिंह रावत, गुलाब बेहड़िया, कैलाश चौहान सहित कई थाना और चौकी प्रभारियों को सीधे टीम में अटैच कर दिया।
एडीसीपी (क्राइम) राजेश दंडोतिया ने एसीपी अजय मिश्रा की टीम भेजी। पुलिसकर्मियों ने छह दिनों तक जंगलों में कैंप किया। इस दौरान कई पुलिसकर्मी ग्रामीण, चरवाहा, सब्जीवाला बनकर गांवों में घूमते रहे।
कुछ पुलिसकर्मियों ने डकैतों के घर और उनके रिश्तेदारों पर दबाव बनाया। चौतरफा घेराबंदी होने से सोमला गांव से निकल नहीं सका। टीमें सुबह, दोपहर, शाम और रात व तड़के दबिश देकर डकैतों के घरवालों से बार-बार पूछताछ करने लगे। इसी दौरान पुलिस के मुखबिर बने और सोमला पकड़ा गया।
कोर्ट में पेश करने के दौरान एक महिला ने रिमांड का विरोध किया। उसने कहा कि सोमला को फंसाया गया है।


