मास्टर साहब आपको भगवान की कसम पास कर देना, बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन में उत्तर पुस्तिकाओं में छात्रों की अजीबोगरीब गुहार

इंदौर। बोर्ड परीक्षाओं के बाद अब उत्तर पुस्तिकाओ के मूल्यांकन का कार्य प्रारम्भ हो गया हैं।
कॉपियों में विद्यार्थियों के तरह तरह के जवाब पढ़ने को मिले हैं।
कई छात्रों ने संस्कृत की परीक्षा में हिंदी से निबंध लिख दिया।
शहर के मालवा कन्या स्कूल में 400 से अधिक शिक्षक बोर्ड परीक्षा की लगभग 2.50 लाख कॉपियां जांच रहे हैं। इस दौरान कॉपियों में कई अजीब-गरीब उत्तर देखने को मिल रहे हैं। कई कॉपियों के बीच पर्चियां भी निकल हैं। किसी स्टूडेंट ने बीमारी तो किसी ने भगवान की कसम देकर शिक्षक से पास करने की गुहार लगाई हैं।
हिंदी के पेपर में प्रश्न पूछा गया कि रस कितने प्रकार के होते हैं तो विद्यार्थी ने उत्तर में लिख दिया..गन्ने का रस, आम का रस, संतरे का रस।
मूल्यांकन कर रहे शिक्षकों का कहना है कि ऐसे कई उदाहरण देखने को मिल हैं। कुछ छात्रों ने हिंदी की जगह मालवी, निमाड़ी सहित अन्य बोलचाल की भाषा में उत्तर लिखे दिए।
एमपी बोर्ड की 10वीं-12वीं की परीक्षाओं की कॉपियों चेक होने का सिलसिला जारी है।
संस्कृत के पेपर में प्रश्नों में जवाब भी संस्कृत में देना थे, लेकिन कुछ छात्रों ने आधे जवाब हिंदी में लिख दिए। इस बार संस्कृत भाषा के महत्व से जुड़ा निबंध नहीं पूछा गया, लेकिन कई बच्चों ने कामधेनु, दीपावली और अन्य निबंध में संस्कृत भाषा का महत्व लिख दिया। कई छात्रों ने अंग्रेजी की कॉपियों में जवाब मिक्स भाषा व हिंग्लिश में लिख हैं।
हिंदी के शिक्षक ने बताया कि कई छात्रों ने मालवी, निमाड़ी और आम बोलचाल की भाषा में जवाब लिखे हैं। लड़के की जगह छोरा लिख दिया तो घर जा रहा को घर जारिया लिखा। शिक्षक ने बताया कि पेपर के सेट को लेकर भी कन्फ्यूजन देखने को मिला है। किसी को ए सेट का पेपर मिला था, उसने हल भी वही किया, लेकिन कॉपी में गलती से बी लिख दिया है। अंग्रेजी में स्पेलिंग मिस्टेक खूब मिली है।
12वीं रसायन विज्ञान विषय के मूल्यांकनकर्ताओं ने बताया कि इस बार पेपर कुछ कठिन होने के कारण अधिकांश विद्यार्थियों ने बहुविकल्प प्रश्न हल नहीं किए। कई ने रसायन सूत्र और अन्य समीकरण गलत लिखे हैं। इससे विद्यार्थियों के नंबर कटे हैं। यही हाल भौतिक विज्ञान में भी रहा। कॉपियों में चुनाव और जल्दी परीक्षा का असर दिख रहा है।
जिला शिक्षा अधिकारी मंगलेश व्यास ने बताया कि मूल्यांकन के दौरान कॉपियों में कई विद्यार्थियों द्वारा प्रश्नों के उत्तर अजीब तरह से लिखने के मामले देखने को मिल रहे हैं। विद्यार्थियों ने कई तरह के संदेश भी लिखे हैं। हमारा फोकस समय पर मूल्यांकन करने पर है।

 

 

 

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