सीधी। इन दिनों पूरे प्रदेश में वैध या फिर अवैध तरीक़े से माइनिंग का कारोबार पैसा कमाने का सबसे बड़ा जरिया बन चुका है।
बात यदि माइनिंग की कही जाए तो पूरे विंध्य के रीवा एवं शहडोल संभाग में सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में इस मामले में रेत का कारोबार पूरी तरह से माफियाओं के सिर चढ़कर बोल रहा है।
इस पूरे मोटी कमाई और मलाई वाले एक नंबर से लेकर दो नंबर तक के तरीकों से किए जाने वाले कारोबार में संविदा प्राप्त कंपनी से लेकर अवैध तरीके से सक्रिय रेत माफिया जहां नदियों के तटों पर रेत के वैध तथा अवैध उत्खनन को अंजाम देते हैं।
वहीं, इस पूरे काले कारोबार को राजनीतिक दलों के सफेदपोश नेताओं से लेकर सरकार के मंत्रियों तक का संरक्षण भी सदैव से प्राप्त होता रहा है। जिसके परिणामस्वरुप ही ऐसे हर जिले के प्रशासनिक अधिकारियों का खुला संरक्षण भी उनको मिलने वाले आर्थिक लाभ से जुड़ते हुए ऐसे वैध तथा अवैध तरीके से माइनिंग करने वाले कारोबारियों को प्राप्त होता है।
माइनिंग के नाम पर जिस तरह का खुला नंगा नाच इन दिनों देखने को मिल रहा है, उसी का परिणाम है कि बीते दिनों शहडोल जिले के व्यौहारी में रेत माफिया द्वारा पुलिस के एक एएसआई की हत्या कर दी गई।
उधर शहडोल जिले के रेत उत्खनन का ठेका प्राप्त कंपनी सहकार ग्लोबल लिमिटेड के द्वारा अवैध तरीके से किए जा रहे रेत उत्खनन की लगातार मिल रही भारी शिकायतों के मद्देनजर कल गुरुवार को प्रदेश सरकार में खनिज विभाग के प्रमुख सचिव निकुंज श्रीवास्तव द्वारा शहडोल का विशेष दौरा करते हुए एक अहम मीटिंग ली गई तथा अधिकारियों को कड़े निर्देश भी जारी किए।
सीधी जिले की सीमा से लगे शहडोल जिले की 34 रेत खदानों के समूहों के संचालन (रेत खनन) के लिए माइनिंग कॉर्पोरेशन द्वारा एमडीओ (माइंस डेवलपर एण्ड ऑपरेटर) बनाई गई मुंबई की सहकार ग्लोबल लिमिटेड की मनमानी का बड़ा मामला सामने आया है। जिले में इस रेत ठेका कंपनी (एमडीओ) द्वारा 44 हैक्टेयर रकबे की खदानों का पंजीयन कराये बिना ही नदियों में मशीनें उतार दी गईं और रेत का खनन शुरू कर दिया गया। मामला सामने आने के बाद माइनिंग कॉर्पोरेशन अब कंपनी को नोटिस जारी करने जा रहा है।
पूर्व कलेक्टर वंदना वैद्य ने भी खदानों की रजिस्ट्री कराए बिना रेत खनन का काम करने पर कार्रवाई किए जाने की बात कही थी, पर इस मामले में अभी तक कुछ भी परिणाम सामने नहीं आ सके हैं।


