सीधी। जिले के ग्राम करगिल में रात्रि 12:00 बजे मगरमच्छ ने ग्रामीणों की उड़ा दी नींद पूरी रात्रि दहशत में ग्रामीण जागते रहे।
मगरमच्छ की तस्करी का आरोप ग्रामीणों का मौके में कुछ संदिग्धों को देखा जो अपराधी की तरह घटनास्थल भागे।
शिवसेना प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक पाण्डेय ने जानकारी दी कि रात्रि करीब एक बजे कुछ अज्ञात अपराधियों द्वारा बोलोरो पिकअप वाहन में मगरमच्छ की तस्करी करते हुए अमरवाह कारगिल मार्ग से भाग रहे थे, वही अंधेरे में गाड़ी लगाकर एक गाड़ी से दूसरी गाड़ी में शिफ्टिंग करने का प्रयास किया जा रहा था। वही, ग्रामीणों का कहना मगरमच्छ की हालत देकर लग रहा था कि नशीला पदार्थ खिलाने की वजह से मगरमच्छ बेहोशी के हालत में था।
बताया गया कि ग्रामीण शिवसैनिको सहित स्थानीय ग्रामीणो को भनक लगी तो उन्होंने देखा कि मौके से आनन फानन में तस्कर भाग रहे हैं। इसके बाद स्थानीय शिव सैनिक सुजीत शर्मा ने फोन कर मुझे जानकारी दी।
सूचना मिलने पर पहुचे शिवसेना प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक पाण्डेय ने देखा कि बेहोशी की हालत में मगरमच्छ पड़ा हुआ था, जहां ग्रामीण उसके करीब से उसे बड़े आसानी से देख रहे थे। इसके बाद स्थानीय प्रशासन को मामले की जानकारी दी गई।
जिसके बाद खनिज विभाग, वन विभाग एवं पुलिस मौके पर पहुंच कर मगरमच्छ का रेस्क्यू कर सुरक्षित पूर्वक सोन घड़ियाल में छोड़ा गया।
विवेक पाण्डेय ने आरोप लगाते हुए प्रशासन को कहा कि सोन घड़ियाल में कुछ गिने चुने ही मगरमच्छ बचे हैं, उसकी भी तस्करी इस तरीके से हो रही। आखिर यह अपराधी है कौन और कहां से आ रहे हैं। सच्चाई आखिर क्या है प्रशासन का इन पर कोई खौफ नहीं नजर आ रहा। बेजुबानों के साथ कितनी क्रूरता की जा रही आखिर इस अवैध तस्करी के पीछे किसका हाथ है, यह जांच का विषय है। वहीं, स्थानीय जनप्रतिनिधि चुप्पी साधे बैठे हैं।
शिवसेना प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक पाण्डेय ने चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे अपराधियों पर जल्द लगाम लगे वरना अब शांत हम नहीं बैठेंगे इसके लिए उग्र आंदोलन करना पड़े, मुख्यालय ही क्यूं ना घेरना पड़े।
सहित शिवसेना प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक पांडेय,गौ सेवक केशव मिश्रा शिवसौनिक युवा सयोजक आकाश परांडे ,सुजीत शर्मा संजू रजक सहित स्थानीय ग्रामीणों द्वारा मौके में पहुंचकर रेस्क्यू किया गया वा सुरक्षित पूर्वक सोन घड़ियाल में मगरमच्छ को भेजवाया गया जहा अब सुरक्षित श्री पांडेय ने यह भी आरोप लगाते हुए प्रशासन को कहा की अब यही दिन बचा था देखने को जब सीधी जिले में एक सोन घड़ियाल मगरमच्छ बस बचे थे उसकी भी तस्करी इस तरीके से अवैध हो रही आखिर यह अपराधी है कौन और कहां से आ रहे हैं सच्चाई आखिर क्या है प्रशासन का इन पर कोई खौफ नहीं नजर आ रहा जिस प्रकार से ग्रामीणों ने घटना की पूरी जानकारी दी सुनकर दिल दहल गया बेजुबानों के साथ कितनी क्रूरता की जा रही आखिर इस अवैध तस्करी के पीछे किसका हाथ है यह जांच का विषय है वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधि चुप्पी साधे बैठे हैं स्वार्थवाद की राजनीति में दुर्भाग्य हमारे सीधी जिले का प्रशासन से मांग है ऐसे अपराधियों पर जल्द लगाम लगे वरना अब शांत हम नहीं बैठेंगे इसके लिए उग्र आंदोलन करना पड़े मुख्यालय ही क्यूं ना घेरना पड़े।


