ग्वालियर। सेवानिवृत्त सैनिक से उसके बेटे व भतीजे को सेना में भर्ती कराने का झांसा देकर ठग ने 15 लाख रुपये की ठगी कर ली। बेटे को अग्निवीर और भतीजे को सुरक्षा अधिकारी के रूप में भर्ती कराने का झांसा देने वाले ने खुद को कर्नल बताया। वह कर्नल की वर्दी पहनकर मिला था।
पहली बार आरोपी ने लखनऊ में होने पर पहली किस्त के रूप में साढ़े सात लाख रुपये लिए। फिर ग्वालियर में सेना भर्ती कार्यालय के पास बुलाकर फिर से साढ़े सात लाख रुपये और ले लिए और फर्जी नियुक्ति पत्र भी थमा दिए।
नियुक्ति पत्र लेकर जब रिटायर्ड फौजी अपने बेटे व भतीजे के साथ सेना भर्ती कार्यालय पहुंचे, तब फर्जीवाड़ा खुला।
मामले में रिटायर्ड फौजी द्वारा पुलिस से शिकायत की गई है।
जानकारी के मुताबिक सिंगरौली के बैढ़न निवासी भूपेंद्र पांडे रिटायर्ड फौजी हैं। उनके बेटे ने सेना में नर्सिंग असिस्टेंट के पद के लिए आवेदन किया था। शारीरिक परीक्षा लखनऊ में हुई थी। इस परीक्षा में वह उत्तीर्ण नहीं हो सका। मैदान के पास ही सेना की वर्दी में एक युवक मिला, जिसने खुद को कर्नल बताया। उसकी वर्दी पर नेम प्लेट थी, जिस पर नाम एसएन राव लिखा था।
उसने बताया कि वह उसके बेटे की नौकरी लगवा सकता है।
जब उसे पता लगा कि भूपेंद्र भी फौज से रिटायर है तो बोला कि रिटायर्ड फौजियों के लिए एमईएस में भर्तियां निकली हैं। इसमें वह उसकी भी नौकरी लगवा देगा। दो दिन तक वह लखनऊ में रुके, इस दौरान उससे मुलाकात हुई। दोनों की नौकरी के नाम पर साढ़े सात लाख रुपये ले लिए। फिर ग्वालियर बुलाया। यहां भूपेंद्र अपने भतीजे को भी लेकर आया।
भतीजे के साथ दूर का रिश्तेदार भी था। इन दोनों की भी नौकरी लगवाने की बात कही। इस बार फिर साढ़े सात लाख रुपये लिए और दो दिन बाद नियुक्ति पत्र दे दिए।
चार दिसंबर की ज्वाइनिंग डेट बताई और 28 नवंबर को रिपोर्टिंग।
जब यह लोग ग्वालियर पहुंचे तब सेना भर्ती कार्यालय से पता लगा कि यह नियुक्ति पत्र तो फर्जी हैं। इसके बाद एसएसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायत की गई।
अति. पुलिस अधीक्षक अनु बेनीवाल ने बताया कि सेना में नौकरी के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। फरियादी सिंगरौली का रहने वाला है। उसने बताया है कि 15 लाख रुपये लिए गए हैं। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।


