जबलपुर। मन की गति अत्यंत तीव्र है और आत्मा की इच्छाएं अनंत हैं, इसी कारण हम अशांत रहते हैं। ध्यान, योग और साधना से इन पर नियंत्रण पाकर शांति प्राप्त हो सकती है।
उक्त विचार आर्य समाज मंदिर गोरखपुर में आज से प्रारंभ हुए पंच कुंडीय ऋग्वेद यज्ञ के प्रथम सत्र के अपने उद्बोधन में आचार्य चंद्रेश ने व्यक्त किए।
इस अवसर पर आपने ओ३म ध्वजारोहण भी किया। साथ ही यजमानों को पौधे भी वितरित किए गए।
कार्यक्रम में सुधीर मेहता, राजेंद्र पटेल, राजेश मुखी, अंशू नैय्यर, ज्योति भसीन, मीरा गायकवाड़ सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।

