डिंडोरी। सोमवार को जिले भर के एनएचएम संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर कार्य किया।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत 20 वर्षों से अधिक समय से कार्यरत प्रदेश भर के 32 हजार से अधिक संविदा स्वास्थ्य कर्मी सुचारू रूप से लगातार अपनी सेवाएं देते आ रहे हैं।
संविदा स्वास्थ्य कर्मियों के द्वारा कोरोना काल जैसी गंभीर महामारी के समय में अपने परिवार व जीवन की परवाह किए बगैर अपनी उत्कृष्ट सेवाएं दी।
इन्हीं सेवाभाव के दृष्टिगत तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने 04 जुलाई 2023 राजधानी भोपाल में महापंचायत बुलाकर अनेक घोषणाएं की थी। जिसके परिपालन में सामान्य प्रशासन विभाग के द्वारा 23 जुलाई 2023 को संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए एक नीति की सौगात दी गई थी। परंतु राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन भोपाल के द्वारा संविदा कर्मचारियों को दी गई सुविधाओं में कटौती की गई है, जिसका प्रदेश भर के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों के द्वारा विरोध किया जा रहा है।
सोमवार को आदिवासी बाहुल्य जिला डिंडोरी में जिले भर के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर कार्य किया।
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के द्वारा सोमवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रमेश मरावी को ज्ञापन सौपा गया।
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश उरैती ने बताया कि 04 जुलाई 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में महापंचायत बुलाकर संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियो को सौगात दिया था, लेकिन राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन भोपाल के द्वारा संविदा कर्मचारियों को दी गई सुविधाओं में कटौती की गई है। जिसका हम सभी विरोध कर रहे है। अगर हमारी आठ सूत्रीय मांगे पूरी नहीं होती तो आगामी 21 अप्रैल 2025 से सभी संविधा स्वास्थ्य कर्मियों को मजबूरन अनिश्चितकालीन जाना पड़ेगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होंगी।


