मध्‍य प्रदेश में पेंशन कार्यालय में कर्मचारियों को घटाया जाएगा, कैबिनेट बैठक में लिया गया फैसला

DR. SUMIT SENDRAM

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी जिलों में जो पेंशन कार्यालय हैं वहां पदस्थ कर्मियों को कम कर जाएगा। एक केंद्रीय प्रकोष्ठ बनाया जाएगा। दरअसल, पेंशनर्स की संख्या कम होती जा रही है और स्टाफ अधिक है। ऑनलाइन व्यवस्था होने के कारण इस स्टाफ का उपयोग अन्यत्र किया जाएगा।
पचमढ़ी शहर की भूमि जो वन विभाग दावा करता था कि हमारी है, उसे राजस्व विभाग को देने का निर्णय लिया गया। सुप्रीम कोर्ट में चल रहे प्रकरण में हुए आदेश के मद्देनजर निर्णय लिया गया है। इससे अब क्षेत्र में विकास की गतिविधियां तेज हो सकेंगे।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि पचमढ़ी को पर्यटन के नक्शे पर तेजी से उभरने में इस निर्णय से मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट बैठक के पहले मंत्रियों को संबोधित करते हुए बताया कि प्रदेश में इस बार अभी तक 81 लाख टन गेहूं का समर्थन मूल्य पर आठ लाख से अधिक किसानों से उपार्जन किया जा चुका है। जिन किसानों ने स्लाट बुकिंग कर ली है, उनसे नौ मई तक गेहूं लिया जाएगा। अभी तक किसानों को 16500 करोड रुपए का भुगतान कर दिया गया है।
वही, ओलंपिक विजेता टीम के सदस्य को जिस तरह प्रदेश में एक करोड रुपए की सम्मान निधि दी जाती है। वैसी ही उन दिव्यांग खिलाड़ियों को भी दी जाएगी, जिन्होंने पैरा ओलंपिक में पदक प्राप्त किए हैं। ऐसे प्रदेश के दो खिलाड़ी हैं‌। अभी 50 लाख रुपए दिए जाते थे, जिसे बढ़ाकर एक करोड रुपए करने का निर्णय कैबिनेट की बैठक में लिया गया है।

 

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