दमोह। जिला अस्पताल में इस समय डॉक्टरों और कर्मचारियों के बीच संघर्ष की स्थति बनी हुई है।
अस्पताल में पदस्थ मेडिकल ऑफिसर डॉ. राजीव अग्रवाल ने सिविल सर्जन डॉ. राजेश नामदेव और आरएमओ डॉ. विशाल शुक्ला पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। वहीं, सिविल सर्जन डॉ. नामदेव ने डॉ. राजीव अग्रवाल को ड्यूटी से अनुपस्थित रहने पर नोटिस जारी किया है। उसके बाद यह बात सामने आ रही है कि जिला अस्पताल में इस समय आपसी सामजस्य से काम नहीं हो रहा है।
मेडिकल ऑफिसर डॉ. राजीव अग्रवाल ने सिविल सर्जन और आरएमओ पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए कलेक्टर को शिकायत की है। साथ ही अपना रिजाइन भी लिख दिया है। उन्होंने कहा कि वह क्लास सेकेंड अधिकारी हैं और भोपाल से जारी आदेश में उनकी ड्यूटी टीवी वार्ड में लगाई गई है। इसके बाद भी यह दोनों अधिकारी जबरदस्ती केज्युल्टी में उनकी ड्यूटी लगा देते हैं, जो गलत है।
उन्होंने कहा कि शासन से जारी आदेश में उन्हें टीवी वार्ड में नियुक्त किया गया है, लेकिन इसके बाद भी यह लोग दवाब बनाते हुए केज्युल्टी में ड्यूटी लगा रहे हैं। इसकी सूचना उन्होंने सीएमएचओ को भी दी है और कहा है कि वह केज्युल्टी की ड्यूटी नहीं करेंगे। शासन के आदेश के तहत ही अपनी सेवाएं देंगे। पांच जनवरी को भी उनकी ड्यूटी केज्युल्टी में लगाई गई थी, लेकिन वह टीवी वार्ड में मौजूद रहे। इसके बाद भी उन्हे नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने अपना जवाब भी दे दिया है। डॉ. राजीव अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने प्रताड़ना से परेशान होकर अपना रिजाइन लिख दिया है। सीएमएचओ को एक माह पहले सूचित कर दिया है कि वह फरवरी माह से जिला अस्पताल में सेवाएं नहीं देंगे।
वहीं, सिविल सर्जन डॉ. राजेश नामदेव ने जो नोटिस जारी किया है, उसमें लिखा है कि डॉक्टरों की कमी के चलते पांच जनवरी को डॉ. राजीव अग्रवाल की ड्यूटी केज्युल्टी वार्ड में सुबह आठ से दो बजे तक लगाई गई थी, लेकिन वह अपनी ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हुए। स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्य करीब दो घंटे तक बाधित रहा और वैकल्पिक व्यवस्था बनानी पड़ी। इसलिए नोटिस जारी कर 24 घंटे में जवाब देने के लिए कहा है। समय सीमा में जवाब न देने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस नोटिस के जवाब में डॉ. राजीव अग्रवाल का कहना है कि उन्होंने अपना जवाब दे दिया है और अब वह प्रताड़ित होकर नौकरी नहीं कर सकते। इसलिए अपना रिजाइन भी सीएमएचओ के पास भेज दिया है।

