इंदौर। विगत चार मई को आयोजित हुई राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (स्नातक) यानी नीट-यूजी परीक्षा के दौरान इंदौर के केंद्रों पर अव्यवस्था को लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में विचाराधीन याचिकाओं पर गुरुवार को सुनवाई हुई।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने बारिश व आंधी के कारण परीक्षार्थियों के नुकसान की जांच के लिए हाई पाॅवर कमेटी बनाने की बात कही।
एनटीए और केंद्र सरकार की ओर से सालिसिटर जनरल तुषार मेहता और एड. हिमांशु जोशी ने हाई कोर्ट को बताया कि जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर परीक्षार्थियों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए यथासंभव निर्णय लिया जाएगा, यह भी कि परीक्षा दोबारा कराई जाए या नहीं। इस आश्वासन के बाद हाई कोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई 26 मई तय की है।
एनटीए ने कोर्ट में यह भी स्वीकारा कि परीक्षा के दौरान इंदौर में 26 परीक्षा केंद्रों की बिजली गुल हुई थी। लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि इन परीक्षा केंद्रों पर बिजली गुल होने पर वैकल्पिक व्यवस्था क्या थी और बिजली गुल होने से परीक्षार्थियों को पर्चा हल करने में दिक्कत आई या नहीं।

