श्योपुर। पिछले 24 घंटों से हो रही भारी बारिश ने श्योपुर जिले के हालात बिगाड़ दिए हैं। सीप, पार्वती और चंबल नदियां उफान पर आ गई हैं। इससे जिले के कई गांव जलमग्न हो गए हैं। लोगों की रात डर और जागरण में बीती। 2021 की भयावह बाढ़ की यादें अभी भी ताजा हैं।
बता दे कि श्योपुर जिला मुख्यालय में सीप नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। हरिजन बस्ती, कसाई मोहल्ला समेत कई इलाकों में पानी भर गया है। प्रशासन ने लोगों को राहत कैंपों में स्थानांतरित किया है। राम धर्मशाला और नगर पालिका मैरिज गार्डन में अस्थायी राहत शिविर बनाए गए हैं। यहां पीड़ितों को भोजन और रहने की व्यवस्था की गई है।
वही, पडोसी राज्य राजस्थान के सवाईमाधोपुर, कोटा और बारां का श्योपुर से संपर्क टूट गया है। पार्वती नदी पुल के ऊपर से बह रही है, जिससे रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है।
बड़ौदा और विजयपुर में भी स्थिति चिंताजनक है। विजयपुर की क्वारी नदी उफान पर है। पुल पर से पानी बह रहा है। सब्जी मंडी और आसपास की दुकानों में पानी भर गया है। इससे व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ है। बड़ौदा में जलभराव वाले स्थानों से एसडीआरएफ टीम द्वारा लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है।
कलेक्टर अर्पित वर्मा ने मंगलवार देर रात स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने राहत शिविरों का दौरा किया और बंजारा डेम पहुंचकर सीप नदी की स्थिति देखी। उन्होंने अधिकारियों को चौबीसों घंटे निगरानी रखने और राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।


