जबलपुर। पुलिस टीम ने सफलता प्राप्त करते हुए 11 अगस्त 2025 को थाना खितौला क्षेत्र स्थित इसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक में हुई सनसनीखेज डकैती का मुख्य सरगना राजेश दास उर्फ आकाश दास को दबोच लिया है।
जबलपुर पुलिस ने बिहार के गया जिले से राजेश दास को गिरफ्तार करते हुए डकैती में लूटा गया करीब 3 किलो सोना और 50 हजार रुपए नगद बरामद किया हैं। गिरोह के एक अन्य सदस्य इंद्रजीत दास उर्फ सागर दास को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
गौरतलब है कि 11 अगस्त 2025 को खितौला क्षेत्र के इसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक में दिनदहाड़े 5 अज्ञात बदमाशों ने 14 किलो 800 ग्राम सोने के जेवरात और करीब 5 लाख रूपये की लूट को अंजाम दिया था।
बता दे कि यह वारदात इतना संगठित और साहसिक था कि पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई थी।
इस वारदात के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक प्रमोद वर्मा, उप पुलिस महानिरीक्षक अतुल सिंह एवं पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय खुद मौके पर पहुंचे और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी (विशेष जांच दल) का गठन किया था।
मामले में एसआईटी आरोपी रईस लोधी को पहले ही पकड़ चुकी है। इसी की निशानदेही पर राजेश दास की तलाश की जा रही थी। इसके लिए बिहार-झारखंड और उत्तर प्रदेश पुलिस को अलर्ट किया गया था।
बिहार पुलिस को दो दिन पहले पता चला कि आरोपी गया में है। उसकी निगरानी करते हुए जबलपुर पुलिस को सूचना दी गई। वहां पहुंचने के बाद जबलपुर, झारखंड और बिहार पुलिस की संयुक्त टीम ने दबिश देकर आरोपी को दबोच लिया।
एसआईटी दोनों आरोपियों को गया से लेकर सोमवार सुबह 11 बजे जबलपुर पहुंची। इन आरोपियों से अब बाकी के 11 किलो 800 ग्राम गोल्ड और 5 लाख रुपए कैश के बारे में पूछताछ की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक राजेश अंतरराज्यीय ‘दास गैंग’ का सरगना है। लेकिन उसकी गिरफ्तारी के बाद भी लूटा गया पूरा सोना बरामद नहीं हुआ है।
बताया जा रहा है कि कुछ साथी बाकी सोना लेकर फरार हो गए हैं।
वारदात के बाद से ही जबलपुर क्राइम ब्रांच और जिला बल की कई टीमें आरोपियों के पीछे लगी थीं।
वही, आईजी प्रमोद वर्मा ने गिरफ्तारी पर 30 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था।
जबलपुर पुलिस को सफलता उस समय मिली जब बिहार और झारखंड की पुलिस ने दास गिरोह के सदस्य इंद्रजीत दास को गया जिले के गुरुवा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पूछताछ में इंद्रजीत ने बताया कि गिरोह का सरगना राजेश रवि दास है और वह गया जिले के डोभी थाना क्षेत्र में छिपा है।
जिसके बाद जबलपुर पुलिस ने बिहार और झारखंड पुलिस के साथ मिलकर गया में घेराबंदी की और मुख्य सरगना राजेश दास को दबोच लिया। पूछताछ में उसने जबलपुर में डकैती करना स्वीकार किया।
पुलिस की पूछताछ में आरोपी राजेश दास ने बताया कि लूटे गए रुपए और गोल्ड आपस में बांट लिए थे। राजेश को 3 किलो सोना और 50 हजार कैश मिले थे। जबकि, लूट का बाकी सामान अन्य सदस्यों ने बांट लिए। आरोपी ने एक खेत में जेवर छिपाए थे, जिसे जब्त कर लिया गया है।
पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित पत्रकार वार्ता में पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने बताया कि आरोपी राजेश दास मूल रूप से गया का रहने वाला है। वह बिहार का हार्डकोर डकैत है। उस पर 2011 से 2025 के बीच सासाराम, गया, जमुई, पुरुलिया और रायगढ़ (छत्तीसगढ़) सहित 12 शहरों में बैंक डकैती और डकैती के मामले दर्ज हैं।
वह डकैती के मामले में रायगढ़ जेल में बंद था और 18 जून को ही छूटा था। इसी जेल में चोरी के आरोप में बंद रहे जबलपुर के रईस लोधी से उसकी मुलाकात हुई थी और वहीं खितौला बैंक डकैती की योजना बनी थी।
11 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे हथियारबंद डकैत हेलमेट पहनकर बैंक में घुसे थे और कट्टा दिखाकर धमकाते हुए 15 मिनट में 14 किलो 800 ग्राम सोना, 5 लाख 70 हजार रुपए नकद लेकर फरार हो गए थे। मामले में पाटन उडना निवासी रईस लोधी, हेमराज सिंह, इंद्राना निवासी सोनू बर्मन और दमोह निवासी विकास चक्रवर्ती की पहले गिरफ्तारी हो चुकी है।
पुलिस पूछताछ में आरोपी रहीस सिंह ने बताया था कि सारा गोल्ड बिहार के रहने वाले साथियों के पास छिपा दिया है। डेढ़ लाख अपने पास रखे थे। इनका प्लान था कि सोना लेकर कुछ लोग बिहार में छिपे रहेंगे। मौका पाकर हम बिहार जाएंगे और वहां बंटवारा कर लेंगे। आरोपी के बयान के आधार पर एमपी पुलिस ने बिहार पुलिस को अलर्ट किया था और तभी से बिहार एसटीएफ आरोपियों को तलाश कर रही थी।
पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय के निर्देशन एवं अति. पुलिस अधीक्षक (क्राइम) जितेंद्र सिंह, उप पुलिस अधीक्षक (क्राइम) उदयभान सिंह बागरी, अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (सिहोरा) आदित्य सिंघारिया(भापुसे), नगर पुलिस अधीक्षक (बरगी) अंजुल अयंक मिश्रा एवं नगर पुलिस अधीक्षक (रांझी) सतीश साहू के मार्गदर्शन में की गई कार्रवाई में खितौला थाना प्रभारी अर्चना सिंह जाट, अपराध थाना प्रभारी शैलेश मिश्रा, पाटन थाना प्रभारी गोपेंद्र राजपूत, गोसलपुर थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह मर्सकोले, घमापुर थाना प्रभारी प्रतीक्षा मार्को, निरीक्षक धनीराम बरकड़े, पूर्वा चौरसिया, चौकी प्रभारी धनवंतरीनगर (उनि) दिनेश गौतम, चौकी प्रभारी रामपुर प्रभाकर सिंह परिहार, चौकी प्रभारी बस स्टैंड (उनि) जगन्नाथ यादव, डीएसबी के सहा. उप निरीक्षक धनंजय सिंह, रणजीत यादव, क्राईम ब्रांच के उप निरीक्षक चंद्रकांत झा, सहा. उप निरीक्षक प्रशांत सोलंकी, मोहन तिवारी, कैलाश मिश्रा, नरेश पासी, प्रधान आरक्षक मोहन सिंह, राजेश पाण्डे, अखिलेश पाण्डे, हितेन्द्र रावत, मनीष सिंह, सुतेन्द्र यादव, अरविंद श्रीवास्तव, आनंद तिवारी, वीरेन्द्र सिंह, अटल जंघेला, रूस्तम अली, आरक्षक गोविंद प्रसाद राय, प्रदीप तेकाम, प्रमोद सोनी, सतेन्द्र बिसेन, रीतेश शुक्ला, पंकज सिंह, प्रीतम उपाध्याय, जय प्रकाश तिवारी, शिव सिंह, आशुतोष बघेल, राजेश मिश्रा, त्रिलोक पारधी, राजेश मातरे, विनय सिंह, अजीत कुमार, आरक्षक चालक मुकेश परिहार, संतोष जाट, नीरज तिवारी, आलोक यादव, अश्वनी द्विवेदी एवं उदय की सराहनीय भूमिका रही।


