भोपाल। सूबे के मुखिया डॉ. मोहन यादव ने विश्व कप विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्य क्रांति सिंह गौड़ का सम्मान किया।
सीएम हाउस में हुए समारोह में सीएम ने क्रांति को गुलदस्ता दिया, शॉल ओढ़ाई। वही, क्रांति के माता-पिता और कोच को सीएम ने मंच पर बुलाया।
गौरतलब है कि भारतीय महिला क्रिकेटर क्रांति गौड़ ने कक्षा 8वीं तक पढ़ाई की है। वह बचपन से ही क्रिकेट खेलना पसंद करती थी। गांव के लड़कों के साथ मैच खेलती थी। फिर मौसी के घर मकरोनिया में रहकर सागर की एकेडमी में क्रिकेट के गुर सीखे थे।
बता दे कि क्रांति का सफर बेहद संघर्ष भरा रहा है। उनका परिवार गुहारा गांव की पुलिस चौकी के सामने स्थित दो कमरे के सरकारी पुलिस क्वार्टर में रहता है। पिता मुन्ना सिंह पुलिस विभाग में हेड कॉन्स्टेबल थे, जो साल 2011 से सस्पेंड चल रहे हैं। परिवार के पास न तो अपनी कोई जमीन है और न ही खुद का मकान।
एक इंटरव्यू में क्रांति ने बताया था कि आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि कई बार खाने की भी परेशानी हुई। बड़े भाई मयंक ने दिल्ली में कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम कर घर की स्थिति को संभाला। क्रांति की क्रिकेट किट और अन्य खर्चों को पूरा किया। क्रिकेट के सपने को जिंदा रखने के लिए उनकी मां नीलम ने अपने गहने तक बेच दिए थे।


