मऊगंज। कलेक्ट्रेट परिसर में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अमर रिपब्लिक के पत्रकार मिथिलेश त्रिपाठी को पुलिस ने सरेआम घसीटते हुए गिरफ्तार कर लिया।
बताया जा रहा है कि यह वाकया उस समय हुआ, जब कांग्रेस पार्टी ईडी के खिलाफ धरना-प्रदर्शन कर रही थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नईगढ़ी थाना प्रभारी जगदीश सिंह ठाकुर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और बिना कोई स्पष्ट वजह बताए पत्रकार को जबरन पुलिस वाहन में डालकर नईगढ़ी ले गए। घटना पर मौजूद लोग स्तब्ध रह गए और जल्द ही यह खबर आग की तरह फैल गई। स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई, जब मऊगंज विधायक प्रदीप पटेल स्वयं मौके पर पहुंचे और पुलिस की कार्रवाई पर जमकर नाराजगी जताई। उन्होंने पुलिस पर पत्रकारों को डराने और दबाव में लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर मेरी वजह से किसी पत्रकार के साथ अन्याय हुआ है तो मैं तत्काल विधानसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंप दूंगा।
विधायक के हस्तक्षेप के बाद पत्रकार को तुरंत रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद मिथलेश त्रिपाठी ने गंभीर आरोप लगाए कि उन्हें अपशब्द कहे गए, अपमानित किया गया और यह सब एक शराब तस्कर के इशारे पर पूर्व नियोजित तरीके से हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि जब उन्होंने विधायक को कॉल किया, तो पुलिस ने विधायक के प्रति भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया।
इस घटनाक्रम पर मऊगंज के नव नियुक्त पुलिस अधीक्षक दिलीप सोनी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह मामला उनके कार्यभार संभालने से पहले का है और इसकी निष्पक्ष जांच करवाई जाएगी।
घटना के बाद मऊगंज में पुलिस और पत्रकारों के संबंधों को लेकर नई बहस छिड़ गई है। पत्रकार संगठनों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

