विश्व हिन्दू परिषद के कई व्हाट्सऐप ग्रुप हैक, एसबीआई के नाम लिंक भेजकर की गई ठगी की कोशिश, साइबर सेल में शिकायत

DR. SUMIT SENDRAM

जबलपुर। साइबर ठगों ने विश्व हिंदू परिषद (विहिप) महाकौशल से जुड़े सैकड़ों व्हाट्सएप ग्रुपो को निशाना बनाकर बड़े साइबर हमले को अंजाम दिया है।
ठगों ने न केवल ग्रुप हैक किए, बल्कि उनके नाम और प्रोफाइल फोटो भी बदल दी और खुद को ही एडमिन बना लिया।
अब तक पुलिस, कस्टम, क्राइम ब्रांच और इन्कमटैक्स अधिकारी बनकर ठगी करने वाले साइबर ठगों ने नया तरीका अपनाते हुए हिंदू संगठनों के ग्रुप को ठगी का माध्यम बनाया है।
बता दे कि विहिप महाकौशल के इन ग्रुपो में संगठन से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी और अन्य महत्वपूर्ण सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जाता है।
बुधवार को घटना की जानकारी लगते ही विहिप कार्यकर्ताओं ने मामले की शिकायत साइबर पुलिस से की है।
गौरतलब है कि विहिप के अलग-अलग जिलों में कई ग्रुप बने हुए हैं, जिनमें संगठन के सैकड़ों कार्यकर्ता जुड़े रहते हैं। इन ग्रुपो में कार्यक्रमों और अन्य गतिविधियों की जानकारी साझा की जाती है। अचानक ही इन ग्रुपो का नाम और फोटो गायब हो गए और उनकी जगह “एसबीआई” लिखा दिखाई देने लगा। जब ग्रुप खोला गया तो उसमें कई संदिग्ध लिंक भी नजर आए, जिससे ठगी की आशंका और गहराई।
विहिप पदाधिकारी पंकज कुमार ने बताया कि हमारे ‘विश्व हिंदू परिषद महाकौशल’ और अन्य जिलों के नाम वाले ग्रुप अचानक बदल दिए गए। संगठन की फोटो हट गई और ‘एसबीआई’ लिखा आने लगा। हमारे कई कार्यकर्ता इन ग्रुपो में पहले से जुड़े थे, लेकिन अचानक कई नए नंबर जुड़ गए और कुछ अज्ञात लोगों को एडमिन भी बना दिया गया।
विहिप कार्यकर्ता पंकज कुमार के मुताबिक दो दिन पहले तक सब कुछ सामान्य था, लेकिन अचानक उनके संगठन के उस व्हाट्सएप्प ग्रुप का नाम बदल दिया गया, जिसमें हनुमान जी की तस्वीर लगी थी और “विहिप महाकौशल” लिखा था। ग्रुप का नाम बदलकर “स्टेट बैंक ऑफ इंडिया” कर दिया गया और उसमें एसबीआई की तस्वीर भी लगा दी गई। कुछ ग्रुपों में संगठन के नाम से नए एडमिन दिखने लगे। इतना ही नहीं, छिंदवाड़ा के एक ग्रुप में, जहां वे सिर्फ कार्यकर्ता के रूप में जुड़े थे, उन्हें भी अचानक एडमिन बना दिया गया। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि साइबर हैकर “एसबीआई” के नाम का उपयोग कर ग्रुप को हैक कर ठगी की कोशिश कर रहे हैं।
पंकज कुमार ने बताया कि लगातार कार्यकर्ताओं के फोन आ रहे हैं कि ग्रुप में संगठन से जुड़े संदेशों के अलावा संदिग्ध लिंक भेजी जा रही हैं। कुछ लोगों ने जब इन लिंक को खोला तो अलग-अलग विज्ञापन खुलने लगे। इसके बाद संगठन ने सभी कार्यकर्ताओं को अलर्ट करते हुए अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक को न खोलें और न ही क्लिक करें।
साइबर फ्रॉड की जानकारी रखने वाले कार्यकर्ताओं ने तुरंत समझ लिया कि ग्रुप हैक हो चुका है और उन्होंने ग्रुप में संदेश डालकर सभी साथियों को सावधान किया कि कोई भी लिंक क्लिक न करे और ऐसे ग्रुप से तुरंत बाहर निकल जाए, क्योंकि लिंक खोलते ही कोई और ही पेज खुल रहा है।
अति. पुलिस अधीक्षक आयुष गुप्ता ने बताया कि ठग सोशल मीडिया के माध्यम से पहले फर्जी ग्रुप बनाते हैं या मौजूदा ग्रुप का नाम बदलते हैं, फिर उसमें मैसेज और लिंक भेजकर लोगों को फंसाते हैं।
उन्होंने कहा कि वॉट्सएप्प या टेलीग्राम पर किसी भी अनजान ग्रुप में न जुड़ें और न ही किसी को जोड़ें। यदि किसी लिंक पर क्लिक किया जाता है तो साइबर ठग मोबाइल और बैंकिंग जानकारी तक पहुंच बना लेते हैं और खाते से पैसा निकाल लेते हैं।
अति. पुलिस अधीक्षक आयुष गुप्ता ने अपील की कि थोड़ी सी लापरवाही भी भारी नुकसान का कारण बन सकती है, इसलिए सभी को सतर्क और जागरूक रहना बेहद जरूरी है।

 

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