भोपाल। मप्र विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस ने फसलों के मुआवजे समेत कई मुद्दों को लेकर अनोखा प्रदर्शन किया।
जुन्नारदेव से कांग्रेस विधायक सुनील उईके खाद सहित कई मुद्दों को लेकर हाथ में पोस्टर लेकर बंदर के वेश में विधानसभा पहुंचे। उनके हाथ में उस्तरा भी दिखा, जिसे उन्होंने सरकार और सिस्टम का प्रतीक बताया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी मौजूद रहे।
इसके बाद सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो कांग्रेस विधायकों ने खराब फसलों के मुआवजे का मुद्दा उठाया। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। इसके बाद वह बाहर नारेबाजी करने लगे।
सदन कि कार्रवाई के दौरान भाजपा विधायक प्रणय प्रभात पाण्डेय ने कटनी की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में व्यापारी की घर हुई आगजनी के मामले में गैर जमानती गलत धाराएं लगाने के मामले में मुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट किया। इसमें विधायक द्वारा शुभम त्रिपाठी के खिलाफ की गई कार्रवाई में गड़बड़ी का आरोप लगाया गया। कहा गया कि इससे ब्राह्मण समाज में आक्रोश है।
जवाब देते हुए मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि निष्पक्ष कार्रवाई की गई है। किसी भी समाज में कोई आक्रोश नहीं है।
इसी मामले में विधायक अभिलाष पाण्डेय ने कहा कि शुभम त्रिपाठी के परिजन की ओर से उन्हें भी शिकायत की गई है। थाने में बुलाकर शुभम त्रिपाठी और उनके परिजन को धमकाया गया है। इसकी विधिवत जांच कर दोषी लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
इसके बाद मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने कहा कि अगर किसी तरह की गड़बड़ी हुई तो थाने से अलग स्टाफ बुलाकर जांच कराई जाएगी।
इसी मामले में मुड़वारा विधायक संदीप जायसवाल ने कहा कि थाने के सीसीटीवी फुटेज और घटना के सीसीटीवी फुटेज से बहुत कुछ स्थिति साफ हो जाएगी।
वही, कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने श्योपुर जिले के किसानों के खाते में राहत राशि नहीं डालने का मामला उठाया।
बाबू जंडेल ने कहा कि किसानों के खाते में राशि नहीं पहुंची है और सरकार इस मामले में सही जवाब नहीं दे रही है। इस पर हंगामा शुरू हो गया।
कटनी में हुई आगजनी का मामला भी सदन में उठा। जिले के तीन भाजपा विधायकों ने इसको लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि 16000 रुपए प्रति हेक्टेयर राहत राशि दी जानी थी, लेकिन किसानों के खाते में पैसा नहीं पहुंचा है।
राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा इस मामले में सही जवाब नहीं दे पाए। उन्होंने कहा कि कुछ खातों में राशि नहीं पहुंची है, जिसे जल्दी पहुंचाया जाएगा।
शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने विधायक अमर सिंह यादव के एक सवाल के जवाब में कहा कि 10 से कम संख्या वाले सरकारी स्कूलों को 1 किलोमीटर के दायरे में बड़े स्कूल में मर्ज किया जाएगा। साथ ही इन स्कूलों में शिक्षकों की पद स्थापना दूरस्थ खाली पड़े स्कूलों में की जाएगी।
विधानसभा में कार्रवाई के दौरान उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने वीआईटी यूनिवर्सिटी के मामले में बताया कि यूनिवर्सिटी को कारण बताओ नोटिस देकर जवाब देने के लिए 7 दिन का समय दिया है। उसके बाद कार्रवाई करेंगे। छात्रों पर जो एफआईआर दर्ज हुई है, वो अज्ञात नामों पर हुई है। पुलिस उसकी जांच कर रही है।


