इंदौर। शहर का जिला अस्पताल कब बनकर तैयार होगा, यह किसी को मालूम नहीं है। क्योंकि यहां आए दिन इसके निर्माण की योजना बदलती है और कंपनियों के टेंडर भी बदल जाते हैं।
चार वर्षों से जिला अस्पताल का निर्माण कार्य चल रहा है। अस्पताल को 100 बेड का बनाने की योजना थी, लेकिन अभी तक यह बन नहीं पाया है।
अब अधिकारी इसे वर्ष 2025 तक 300 बेड का बनाने का दावा कर रहे हैं। इसके लिए हाल ही में नया टेंडर भी जारी कर दिया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक अब अस्पताल पांच मंजिल का बनाया जाएगा। इसके लिए करीब 83 करोड़ का नया टेंडर दिया गया है।
गौरतलब हैं कि यह पहली बार नहीं है, जब टेंडर बदला गया हो। इससे पहले भी ऐसा हो चुका है। टेंडर बदलने की प्रक्रिया के कारण ही अस्पताल का काम देरी से हो रहा है। अब शहर और आसपास के जिलों के मरीजों को करीब दो वर्ष और अस्पताल बनने का इंतजार करना पड़ेगा।
फिलहाल अस्पताल के नाम पर सिर्फ यहां स्त्री एवं प्रसूति विभाग को शुरू किया गया है। अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों को यहां भर्ती नहीं किया जा रहा है।
जिला अस्पताल की नई इमारत तैयार होने के बाद यहां एमआरआइ, सीटी स्कैन जैसी मशीनें भी स्थापित की जाना है जो पहले से स्वीकृत हैं। इन सबका फायदा पश्चिम इंदौर की 15 लाख जनसंख्या को मिलेगा।
अस्पताल निर्माण के लिए जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारियों के कई बार दौरे हो चुके हैं, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। हर दौरे में जिम्मेदार जल्द निर्माण करने की बात करते हैं, लेकिन ऐसा होता नहीं है।
सिविल सर्जन डॉ. गिरधारी लाल सोढ़ी ने बताया कि जिला अस्पताल का नया टेंडर हुआ है। पहले 100 बेड का अस्पताल बनाने की योजना थी, लेकिन अब इसे 300 बेड का किया जा रहा है। अब पांच मंजिल अस्पताल बनेगा।


