जबलपुर। संस्कारधानी में जन्मे माउंटेनर अंकित सेन की उपलब्धि में एक और अध्याय जुड़ने वाला है। अंकित 15 अगस्त 2024 को आस्ट्रेलिया महाद्वीप पर तिरंगा लहराकर भारत के साथ ही संस्कारधानी जबलपुर का नाम भी दुनिया रोशन करेंगे। अंकित ने अपना सपना सच करने के लिए एक कदम और बढ़ाया है। अंकित आस्ट्रेलिया महाद्वीप के लिए रवाना हो चुके हैं।
संस्कारधानी जबलपुर के माउंटेन मैन अंकित सेन पहले भी कई तरह के परचम लहरा चुके हैं।
अंकित ने बताया कि वे अपने कई रिकार्ड दर्ज करा चुके हैं। माउंटेनिंग के लिए कई संस्थाओं से कोर्स किया है, साथ ही ट्रेनिंग भी ली है। नववर्ष की शुरुआत अंकित हिमाचल प्रदेश केकरेरी झील कांगड़ा जिले के धर्मशाला से लगभग 9 किलोमीटर उत्तर पश्चित धौलाधार पर्व के पर जाकर राष्ट्रीय ध्वज लहराया था, जो समुद्र तल से 2934 मीटर उपर है।
शहर के माउंटेनर अंकित सेन ने पिछले वर्ष 26 जनवरी 2023 को अफ्रीका महाद्वीप के सबसे ऊंचे माउंट किलिमंजरों में राष्ट्रीय ध्वज को लहराकर अपने नाम रिकार्ड किया था। इसके बाद 15 अगस्त 2023 को यूरोप महाद्वीप के सबसे ऊंचे माउंट एलब्रुस पर भारत का राष्ट्रीय ध्वज लहराया था। अभी तक उन्होंने महाद्वीप का सपना पूरा कर लिया है।
अंकित का सपना है की वह विश्व के सातों महाद्वीप में जाकर भारत देश का राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे।
अंकित सेन के साथ अंकित वैष्णव, देवकुमार, अराध्य यादव, मुगल सादाब भी इस यात्रा में शामिल हैं।
अंकित ने कहा कि बचपन से ही कुछ अलग करने की चाह थी। इसलिए मैंने पर्वतारोही की राह आसान चुनी। यह रात आसान नहीं थी। पहाड़ों जाना हर किसी के बस की बात नहीं है। कई बार माइनस तापमान का भी सामना करना पड़ा। जिसके लिए सेफ्टी किट साथ रहती है। हर कोई अलग-अलग तरीके से नववर्ष की शुरुआत करता है, मैं अपने नववर्ष की शुरुआत देश के लिए करना चाहता था। धौलाधार पर्वत पर जाकर राष्ट्रीय ध्वज फहराना मेरा सपना था।


