इंदौर। हिंदू युवतियों को देह व्यापार में धकेलने और ड्रग्स की लत लगाने के आरोप में गिरफ्तार फैजान खान अपने आप को सीबीआई अफसर बताता था। यह बात फैजान उर्फ गोल्डी से मिले आईडी कार्ड से पता चली है। वही, शहर की लसूड़िया पुलिस अभी तक फैजान को कैफे संचालक बताकर पल्ला झाड़ रही थी।
आईडी कार्ड मिलने के बाद यूटर्न लेते हुए पुलिस को फैजान के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करना पड़ा।
बता दे कि हिंदू जागरण मंच के जिला संयोजक राजकुमार टेटवाल, मानसिंह राजावत, कृष्ण वाघ, नवीन शर्मा ने बीते दिनों रात को महालक्ष्मीनगर स्थित एक इमारत में छापा मारकर फैजान उर्फ गोली पिता अफजल पठान निवासी मल्हार कॉलोनी देवास को आपत्तिजनक अवस्था में पकड़ा था।
फैजान के रूम से हिंदू युवतियां भी मिलीं, जो विभिन्न शहरों से आकर रुकी थीं। फैजान के रूम से नशे की सामग्री, एयरगन, नकली पिस्टल (लाइटर वाली) और एक तलवार भी मिली थी। हिंदू संगठन के नेताओं ने कहा कि फैजान देह व्यापार करवाता था। युवतियों को ड्रग्स की लत लगाता था।
पुलिस ने कहा कि फैजान कैफे चलाता है। लव जिहाद, ड्रग्स जिहाद के कोई सबूत नहीं मिले हैं। तीन दिन बाद मामले में नया मोड़ आ गया, जब पुलिस को फैजान का सीबीआई स्पेशल ऑफिसर के नाम का आईडी कार्ड मिला। फैजान पर धोखाधड़ी का शक गहरा गया है।
डीसीपी जोन-2 अभिनय विश्वकर्मा के मुताबिक मामला गंभीर है। फैजान पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। वर्ष 2019 में सराफा पुलिस ने भी नकली सीबीआई अफसर विक्रम गोस्वामी को गिरफ्तार किया था। कार्ड हूबहू वैसा ही बनाया गया है। फैजान ने उस पर स्वयं का फोटो लगा लिया। कार्ड नंबर और हस्ताक्षर भी हूबहू हैं।
फैजान अपना वेश बदलकर रहता था। सिख युवक के वेश में वह पगड़ी पहनकर घूमता था। इसके साथ ही उसने कई लोगों को खुद का नाम भी गलत बताया था। पुलिस इस मामले में भी जांच कर पता लगा रही है कि वो कब से ऐसा कर रहा था। क्या उसने खुद को सीबीआई अफसर बताकर किसी के साथ धोखाधड़ी की है।
गौरतलब है कि हिंदू संगठन के लोगों को जानकारी मिली थी कि महालक्ष्मी नगर के एक फ्लैट में अवैध गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। जिसके बाद वे वहां पहुंचे और युवक से बात की तो पता चला उसका नाम फैजान है, फ्लैट में उस वक्त तीन लड़कियां भी मिलीं।

